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उम्मीद 2021- नए दशक में बदलेंगे खेल और खेलने का तरीका

कोविड-19 ने खेल जगत को थाम जरूर दिया पर खेेल का मंत्र ही है कि जीतना है और जीत के बाद भी रुकना नहीं है। एक साल कोरोना वायरस खेलों में बाधा बना है लेकिन न्यू नार्मल में खिलाड़ी तैयार हैं बड़ी जीत के लिए। एक्सपटर््स की मानें तो फिलहाल मैदान में दर्शकों को अनुमति शायद न मिले। पर ऑनलाइन प्रसारण गांव-गांव तक पहुंचेगा। प्रसारण अधिकारों के लिए प्र्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। नए साल में ओलिंपिक खेल भी प्रस्तावित हैं। वैक्सीन के बाद भी सख्त नियमों का पहरा होगा महाकुंभ में। स्वीमिंग जैसी कुछ स्पर्धाएं रुक सकती हैं वहीं बेसबॉल और स्केट बोर्डिंग जैसे खेल रोमांच बढ़ाएंगे। ऑनलाइन गेम्स भी नए दशक में नई इबारत लिखेंगे, ऑनलाइन टूर्नामेंट की संख्या में इजाफा होगा।

खेलों में बनानी होगी रणनीति -
खेल संगठनों को संबंधित खेल निकायों व सरकार के साथ आगामी रणनीति बनानी होगी। क्रिकेट जैसे खेल तो ऑनलाइन भी दर्शकों को खींच लेते हैं लेकिन अन्य खेलों में सीमित दर्शकों की मंजूरी की दिशा में पहल हो सकती है। टिकटों की लाटरी के आइडियाज पर काम होगा।

टेनिस में डबल्स मुकाबले नहीं-
टेनिस में कुछ दिनों तक डबल्स मुकाबले नहीं होंगे। इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन ने दिशा-निर्देश जारी किए थे जिसमें खिलाड़ी खुद की गेंद लेकर आएंगे, तौलिया भी उनका खुद का होगा। उन्हें बॉल बॉय व मैच अधिकारियों से दो मीटर की दूरी बनाकर रखनी होगी।

खेलों में बढ़ेगा स्वच्छता का स्तर -
खिलाडिय़ों को हाईजीन पर ज्यादा ध्यान देना होगा। न तो दर्शकों को ऑटोग्राफ दे सकेंगे और न सेल्फी ले पाएंगे। खाद्य पदार्थ भी किसी के साथ शेयर नहीं कर पाएंगे। मैदान पर सेलिब्रेशन भी पहले जैसा नजर नहीं आएगा। स्पोट्र्स वियर और एक्सेसरीज ब्रांड में एंटी वायरस तकनीक और यूज एंड थ्रो पर काम पहले ही शुरू हो चुका है।

ओलिंपिक जुलाई में, खर्च बढ़ेेगा -
ओलिंपिक खेल जुलाई माह में शुरू हो सकते हैं। माना जा रहा है कि खर्च में 800 मिलियन डॉलर और ज्यादा खर्च होंगे। आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बॉक ने कहा कि - चुनौतीपूर्ण समय में ये खेल रोशनी बिखरेेंगे। जो खिलाड़ी पहले से क्वालीफाई कर चुके हैं उनका स्थान सुरक्षित है। नए साल में खिलाडिय़ों के लिए ओलंपिक एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।

खेलों में बढ़ेगा स्वच्छता का स्तर -
खिलाडिय़ों को हाईजीन पर ज्यादा ध्यान देना होगा। न तो दर्शकों को ऑटोग्राफ दे सकेंगे और न सेल्फी ले पाएंगे। खाद्य पदार्थ भी किसी के साथ शेयर नहीं कर पाएंगे। मैदान पर सेलिब्रेशन भी पहले जैसा नजर नहीं आएगा। स्पोट्र्स वियर और एक्सेसरीज ब्रांड में एंटी वायरस तकनीक और यूज एंड थ्रो पर काम पहले ही शुरू हो चुका है।

घरेलू बुनियादी ढांचा सुधरेगा -
विदेशी दौरों के टलने से स्थानीय बुनियादी ढांचे मजबूत हो सकते हैं। देश के अंदर ही ट्रेनिंग की सुविधाएं बढ़ाने पर ध्यान देना होगा। बड़ी स्पर्धाओं के लिए खिलाडिय़ों को ज्यादा समय मिला हैे, ये संकट को अवसर में बदलने जैसा मौका है। बस अब नए सिरे से खेल की रणनीति तैयार करनी होगी।

चेस जैसे खेलों में ऑनलाइन टूर्नामेंट -
चेस, कैरम व अन्य कुछ गेम्स के बड़े ऑनलाइन टूर्नामेंट्स के आयोजन हो सकते हैं। ऐसे आयोजनों से दुनियाभर में नई प्रतिभाएं सामने आएंगीं।

बदलाव -
टीनएजर्स का पसंदीदा खले स्केटबोर्ड भी इस बार ओलिंपिक में शामिल होगा। इसके अलावा सर्फिंग, क्लाइंबिंग, बेसबॉल और सॉफ्टबॉल जैसे खेल भी ओलिंपिक का रोमांच बढ़ाएंगे। इनके अलावा तीन गुणा 3 बॉस्केट बॉल स्पर्धा, कॉन्ट्रेक्ट ब्रिज, जेट स्की, पेनकेक सिलाट, रोलर स्पोट्र्स मिनी गोल्फ, टेबल सॉकर, कोरियन कराते, स्पीड बॉल, यूनीफाइट, कूडो, रोलबॉल जैसे खेल भी बहुत प्रचलित हो रहे हैं। 2024 के पेरिस ओलिंपिक में तो ब्रेक डांस भी खेल के रूप में शामिल होगा।



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