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ऑनलाइन सर्वे - कोरोना वायरस के चलते कैसा होना चाहिए खेल जगत का स्वरूप ?

कोरोना वायरस की वजह से खेल जगत भी बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ है। खेलों के आयोजन कम हुए हैं खेल से संबंधित गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं, खेल खेलने तरीके बदले हैं। अब आने वाले समय में कोरोना वायरस के ध्यान में रखते हुए खेल जगत का स्वरूप क्या होना चाहिए इसके लेकर हमने लोगों से बात करके एक ऑनलाइन सर्वे किया और खेल से जुड़ी कई बड़ी हस्तियों की इस मामले पर राय ली आइये जानते हैं इसके बारे में।

ऑलिंपिक जैसे बड़े आयोजन होना चाहिए?

हां - 38.3 प्रतिशत
नहीं - 11.6 प्रतिशत
राय - नहीं होगा खेल आकर्षण कम -
खेल दर्शकों में खुशी का संचार करता है। भविष्य में सुरक्षा और बचाव पर अधिक ध्यान होगा लेकिन खेलों के प्रति आकर्षण कम नहीं होगा।
अभिनव बिंद्रा, राइफल शूटिंग

बॉडी टच वाले खेलों पर रोक होनी चाहिए?
हां - 40.4 प्रतिशत
नहीं - 13.6 प्रतिशत
जांच के बाद अनुमति हो - 46 प्रतिशत
स्वच्छता का स्तर सुधरेगा -
मेरा खेल संपर्क वाला है और मैं निजी तौर पर चिंतित हूं कि हम कैसे इससे पार पाएंगे। टूर्नमेंटों में स्वच्छता का स्तर काफी ऊपर चला जाएगा।
एमसी मैरीकॉम, मुक्केबाज

दर्शकों के बिना ही हों बड़े आयोजन?
हां - 39.6 प्रतिशत
नहीं - 23.6 प्रतिशत
उतने प्रभावी नहीं होते - 36.8 प्रतिशत
खेल इंडस्ट्री नहीं होंगी प्रभावित -
टेलीविजन और डिजीटल प्लेटफॉर्म का दौर है। स्टेडियम में दर्शकों की कमी से स्पोट्र्स इंडस्ट्री प्रभावित नहीं होगी।
बाइचुंग भूटिया, फुटबॉलर

स्वीमिंग गेम्स पर रोक रहनी चाहिए २०२१ में?
हां - 37.2 प्रतिशत
नहीं 28.9 प्रतिशत
वैक्सीन के बाद अनुमति दें - 33.9 प्रतिशत
अभ्यास की व्यवस्था तो हो -
ओलिंपिक खेलों में देरी से तैराकों को बहुत नुकसान हो रहा है। कई देशों में अभ्यास के लिए पूल खुल चुके हैं, भारत में भी ऐसा होना चाहिए।
वीरधवल खाड़े, स्वीमर



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