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बजट 2021 : पिछले 5 सालों में खेल बजट पर एक नजर

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) आज बजट 2021 (Union Budget 2021) पेश करेंगी। इस बार बजट से आम आदमी को काफी उम्मीदें हैं क्योंकि वर्ष 2020 में कोरोना वायरस महामारी ने बिजनेस, नौकरी यहां तक कि खेल जैसे डिपारटमेंट को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर इस बजट में भारत की अर्थव्यस्था को गति देने की जिम्मेवारी होगी। हर सेक्टर बजट से कुछ न कुछ राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है। अगर बात करें स्पोर्ट्स बजट की तो हर बजट में खेलों को प्रोहत्सान देने के लिए कुछ न कुछ बड़ी घोषणाएं की जाती हैं।

आइए नजर डालते हैं पिछले 5 वर्षों में खेल मंत्रालय को बजट से क्या मिला

 

 

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-वर्ष 2016 से लेकर 2020 तक तक स्पोर्ट्स कोटे में काफी उछाल देखने को मिला। खासकर खेलो इंडिया कार्यक्रम को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है।
-वर्ष 2016 में 97.52 करोड़ का स्पोर्ट्स कोटा था जो 2020 तक बढ़कर 890.92 करोड़ तक पहुंच गया।
-भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और राष्ट्रीय खेल महासंघ (NSFs) के लिए बजट में मामूली वृद्धि हुई, लेकिन पिछले 5 वर्षों में Khelo India कार्यक्रम जितना उछाल किसी स्पोर्ट्स कोटे में नहीं देखने को मिला।
-भारतीय खेल प्राधिकरण के बजट में पिछले 5 वर्षों में 92 करोड़ रुपए की बढ़त हुई है।
-2015 से लेकर 2021 तक साई के बजट में मामूली वृद्धि हुई है। 2015-16 में बजट 407.96 करोड़ था और 2015 से 2021 के बीच इसे 500 करोड़ आवंटित हुए थे।
-एनएसएफ(NSFs) के पिछले 5 वर्षों के बजट पर नजर डाली जाए तो इस खेल के कोटे में पिछले 5 वर्षों में कटौती देखी गई है। 2017-18 में ये बजट 277.68 करोड़ था और जो 2016 में 359.40 करोड़ था।

खेल मंत्रालय को बजट आवंटन
-खेलो इंडिया कार्यक्रम में 2016 के बाद से ज्यादा बढ़ोतरी हुई।
-2018-19 में NSFs के लिए बजट का आवंटन 342 करोड़ था। जबकि पिछले साल यानी 2020 में केंद्रीय बजट 245 करोड़ रहा।



Source बजट 2021 : पिछले 5 सालों में खेल बजट पर एक नजर
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