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शुक्र का कुंभ राशि में प्रवेश 21 फरवरी 2021 को, जानें क्या रचाएगा खेल

भाग्य के कारक ग्रह शुक्र एक बार फिर अपना स्थान परिवर्तन करते हुए 21 फरवरी 2021, रविवार की सुबह 02:12 बजे मकर राशि से निकलकर, अपने मित्र शनि के स्वामित्व वाली कुम्भ राशि में गोचर करेंगे। ऐसे में कुम्भ राशि में गोचर की इस अवधि के दौरान, शुक्र के राशि परिवर्तन का प्रभाव कुम्भ के अतिरिक्त सभी अन्य राशियों पर भी देखने को मिलेगा।

ज्योतिष शास्त्र में शुक्र देव को द्वितीय यानि वृषभ और सातवीं यानि तुला राशि का स्वामित्व प्राप्त है। कन्या में शुक्र नीच के माने जाते हैं, जबकि मीन राशि इनकी उच्च राशि है। कुंभ राशि के लिए शुक्र ग्रह अति योगकारक होते हैं। इस कारण कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर सुखद समाचार ला सकता है।

Shukra Rashi parivartan 2021 predictions : Effects on you are Positive or Negative

जानें 12 राशियों पर इसका प्रभाव : Effects on all 12 Zodiac signs

1. मेष राशि
गोचर की इस अवधि में वे आपके एकादश भाव यानि आय भाव में प्रवेश करेंगे। शुक्र देव के इस गोचर के प्रभाव से, मेष राशि के जातकों के जीवन में समृद्धि आएगी। क्योंकि उन्हें इस दौरान कई शुभ अवसर प्राप्त होने की संभावना है।

इस समय शुक्र आपकी राशि में बहुत मजबूत “धन योग” का निर्माण भी करेंगे, जिससे पार्टनरशिप में व्यवसाय कर रहे जातकों को, भरपूर धन लाभ होने के योग बनेंगे। वह जातक जो किसी भी कला, रचनात्मक, फैशन, आदि क्षेत्रों से जुड़े हैं, उन्हें भी शुक्र के इस गोचर के दौरान उत्तम परिणाम प्राप्त होने की संभावना रहेगी।

पारिवारिक वातावरण अच्छा रहेगा और आपको अपने परिवार का भरपूर सहयोग व प्रेम प्राप्त हो सकेगा। वहीं यदि आप शादीशुदा हैं तो, आपके दांपत्य जीवन में नई ऊर्जा का संचार होगा। इसके साथ ही कुछ जातकों को संतान फल मिलने से, अपार ख़ुशियां प्राप्त होंगी।

कुल मिलाकर कहें तो, शुक्र का यह गोचर आपकी सभी इच्छाओं को पूरा करते हुए, आपको अनुकूल फल देने का कार्य करेगा।

उपायः आपको विशेष लाभ प्राप्त करने के लिए, शुक्रवार का व्रत करें।

 

2. वृषभ राशि
शुक्र देव आपकी राशि के स्वामी हैं, और वे गोचर के समय, वे आपके दशम स्थान यानि कर्म भाव को सक्रिय करेंगे। ऐसे में इस समय आपको अपने कार्यक्षेत्र पर विशेष ध्यान देना होगा, क्योंकि इस दौरान आपको मिश्रित परिणामों की प्राप्ति होगी।

कार्यक्षेत्र पर आपको अपनी मेहनत और प्रयासों को रफ्तार देने की आवश्यकता होगी, क्योंकि आपकी विचारधारा और कार्य क्षमता में, रचनात्मकता की कमी दिखाई देगी और आप खुद को अपने कार्यों से जुड़ा महसूस करने में असमर्थ रहेंगे। आशंका है कि इन सभी नकारात्मकता के कारण, आपकी कार्य क्षमता भी प्रभावित हो। जिससे आप में आलस्य और अस्थिरता की वृद्धि होगी। आपकी इन कमजोरियों का फायदा उठाते हुए, दुश्मन आपके ऊपर हावी होने का प्रयास करेंगे।

इस अवधि में किसी भी तरह का धन उधारी पर लेने से बचें। प्रेम संबंधों में आपके साथी या प्रेमी की अपेक्षा में वृद्धि होगी। इसलिए उनके साथ अच्छा समय बिताने की कोशिश करें।
इस समय शारीरिक व्यायाम, योग और ध्यान का सहारा लेना आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प रहेगा। अन्यथा शुक्र की यह स्थिति आपको मोटापा, मधुमेह आदि जैसी गंभीर बीमारियां दे सकती हैं।

उपायः शुक्र देव की अनुकूलता प्राप्त करने के लिए, रोज़ाना सुबह शिवलिंग पर गुलाब जल का छिड़काव करें।

3. मिथुन राशि
शुक्र के आपकी राशि के स्वामी बुध ग्रह परम मित्र है। इस गोचर की इस अवधि में वो आपके नवम भाव यानि भाग्य भाव में प्रवेश करेंगे। जिसके चलते शुक्र के गोचर की इस अवधि में आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, जिससे आपको अपने प्रयासों के चलते वरिष्ठ अधिकारियों से सराहना और प्रोत्साहन की प्राप्ति होगी।

इस समय कार्यक्षेत्र पर किसी महिला कर्मी का सहयोग, आपको हर कार्य में सफलता देने में मदद करेगा। वहीं वो लोग जो लंबे समय से पदोन्नति या किसी ट्रांसफर की चाह में थे, उन्हें भी इस गोचर के दौरान शुभ समाचार की प्राप्ति होने के योग बनेंगे। इसके अलावा अपनी पहली नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को, इस समय इच्छानुसार शुभ अवसरों की प्राप्त होगी।
व्यापारी वर्ग के लिए यह समय विशेष रूप से, विदेश से संबंधित व्यापार करने वालों के लिए समय कुछ अच्छा लाभ लेकर आएगा। वहीं वो छात्र जो उच्च शिक्षा प्राप्ति के लिए विदेश जाने के इच्छुक थे, उन्हें भी इस गोचर से अनुकूल फलों की प्राप्ति होगी।

शादीशुदा जातकों को अपने साथी से भरपूर सहयोग और प्रेम मिलेगा। यदि आप सिंगल है तो, आप अपने जीवन में किसी प्रेमी की उपस्थिति की उम्मीद कर सकते हैं। यह व्यक्ति आपका एक पुराना प्रेमी भी हो सकता है, जिसने आपके प्यार को कभी अनदेखा किया था। ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि इस समय आप अपनी भावनाओं और प्रेम को अपने प्रेमी के समक्ष सही तरीके से व्यक्त करने में सक्षम होंगे।

उपायः शुक्र देव की कृपा प्राप्ति के लिए, रोज़ाना देवी कात्यायनी की उपासना करें।

 

4. कर्क राशि
आपकी राशि के लिए शुक्र देव इस गोचर की अवधि में आपके अष्टम भाव यानि आयु भाव में प्रवेश करेंगे। शुक्र इस समय आपके दूसरे भाव को भी दृष्टि करेंगे, जो परिवार और धन का भाव होता है। ऐसे में आपको अचानक से धन लाभ की प्राप्ति होगी, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती दिखाई देगी। वहीं इस दौरान अपनी सुख-सुविधाओं पर भी, आप बहुत-सा धन खर्च करते दिखाई देंगे।

हालांकि इसका असर आपकी आर्थिक स्थिति पर नहीं पड़ेगा। लेकिन उचित होगा कि आप धन को अनावश्यक की चीजों पर खर्च ना करते हुए, सही रणनीति अनुसार उसे किसी निवेश में लगाएं, जिससे वह आपके लिए अतिरिक्त खुशी और तरक्की के रास्ते सुनिश्चित करे।

ध्यान रहे, यह वर्ष आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है, इसलिए आपको शुरुआत से ही अपना ध्यान सही दिशा में लगाने की सबसे अधिक जरूरत होगी।

शादीशुदा जातकों को अपने जीवन साथी की मदद से, लाभ प्राप्त होने की संभावना है। जिससे आप अपने रिश्ते को और मजबूत बनाते हुए, अपने हर सपने को साकार होते देख सकेंगे। शोध या उच्च अध्ययन के इच्छुक छात्रों को इस दौरान अधिक अनुकूल परिणाम प्राप्त होने की संभावना है।

हालांकि आपको आंखों या पेट के निचले हिस्से से संबंधित कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से यूरिन इन्फेक्शन से संबंधित विकार होने की आशंका है। ऐसे में पानी का सेवन अधिक करें, साथ ही अधिक मसालेदार या तला-भुना भोजन खाने से भी परहेज करें, आंखों के लिए उचित नींद लें और मोबाइल व टीवी पर ज्यादा समय न बिताएं।

उपायः शुक्रवार के दिन मां महालक्ष्मी को श्रृंगार की सामग्री भेंट करें।

5. सिंह राशि
आपकी राशि में अपने इस गोचर के दौरान वे आपके सप्तम भाव यानि विवाह भाव में विराजमान होंगे। ऐसे में शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से अविवाहित जातकों को, सबसे अधिक शुभ फलों की प्राप्ति होगी। क्योंकि इस दौरान उन्हें विवाह के बंधन में बंधने का अवसर मिलेगा। वहीं वैवाहिक जातकों के जीवन में भी प्रेम, खुशी और उत्साह का संचार होगा। इससे आप दोनों के बीच का रिश्ता और मजबूत बनेगा। साथ ही प्रेमी जातक भी शुक्र के गोचर के दौरान, अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने के बारे में विचार कर सकते हैं।

वहीं कार्यक्षेत्र पर आप अपने काम से असंतुष्ट दिखाई देंगे, जिसके परिणाम स्वरूप आपकी कार्यक्षमता में कमी आने की आशंका है। इसका नकारात्मक प्रभाव आपके कार्यक्षेत्र पर साफ दिखाई देगा। इसलिए धैर्य रखते हुए, पूर्ण ईमानदारी के साथ हर समस्या को सुलझाने की ओर प्रयास करें।

यदि आप पारिवारिक व्यवसाय से जुड़े हैं या फिर अपने पिता के साथ व्यवसाय करते हैं तो, इस गोचरकाल के दौरान आपको अपने परिवार की विरासत को बढ़ाने के बहुत से शुभ अवसर प्राप्त होंगे। वहीं साझेदारी में व्यवसाय कर रहे जातकों को, अपने पार्टनर से थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। क्योंकि आशंका है कि आप दोनों के बीच अहम का टकराव हो, जिससे विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

सिंह राशि के छात्रों के लिए समय शुभ रहेगा। वहीं स्वास्थ्य जीवन में खासतौर से हार्मोन, त्वचा या पीठ से जुड़ी कोई समस्या आपकी परेशानी बढ़ा सकती हैं।

उपायः आप शुक्र की होरा के दौरान, शुक्र के मंत्र “ ॐ शुं शुक्राय नमः'' का आपको नियमित पाठ करें।

 

6. कन्या राशि
इस गोचर की अवधि में शुक्र आपके छठे भाव यानि शत्रु व रोग भाव में प्रवेश करेंगे। शुक्र के छठे भाव में जाने से कन्या राशि के जातकों को शुरुआत में, अपने रिश्तेदारों से किसी बात को लेकर वाद-विवाद या झड़प होने की आशंका है। जिससे आपके मानसिक तनाव में वृद्धि होगी।

प्रेम संबंधों की बात करें तो, प्रेम जीवन जीवन के लिए यह समय आपको पूर्णतावादी बना सकता है। आप अपने साथी से अधिक उम्मीदें रखेंगे, जिसके परिणामस्वरूप आप दोनों का रिश्ता बाधित होगा।

कार्यक्षेत्र पर खासतौर से सेवा क्षेत्रों से जुड़े जातकों को, इस दौरान थोड़े बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे। हालांकि आपके वरिष्ठ अधिकारियों से आपको उचित सराहना व प्रशंसा की प्राप्ति न होने से, आप में निराशा का भाव उत्पन्न हो सकता है। जिसके परिणामस्वरूप आप अधिक क्रोध करते दिखाई देंगे। इस दौरान आपको सराहना के लिए, दूसरों पर भी अधिक निर्भर रहने से बचना होगा। तभी आप इस गोचर से बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।

आर्थिक जीवन के लिए यह समय, किसी भी तरह के निवेश या ज़मीन की खरीद, आदि के लिए उत्तम दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में आपको अपने ख़र्चों और आय के बीच सही तालमेल बिठाने की सलाह दी जाती है। सेहत के लिहाज से यह समय आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करेगा।

उपायः विशेष लाभ प्राप्ति के लिए आपको शुक्रवार के दिन, गले में स्फटिक की माला धारण करें।

7. तुला राशि
शुक्रदेव आपकी राशि के ही स्वामी होने के चलते उनका ये गोचर काफी महत्वपूर्ण रहेगा। इस गोचर की अवधि में वे आपके पंचम भाव यानि बुद्धि व पुत्र भाव में विराजमान होंगे। ऐसे में शुक्र के इस गोचर से दंपत्ति जातकों को, अपने साथी और संतान के साथ अपने संबंध बेहतर करने में मदद मिलेगी।

आपको कार्यक्षेत्र पर भी अच्छे अवसर या नई ज़िम्मेदारी मिलने की संभावना है। जिससे आपके कार्य कौशल में सुधार होगा। साथ ही आप कार्यस्थल पर आवश्यक अनुभव अर्जित करने में भी सक्षम होंगे। इससे आपको अपने कार्य क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

व्यापारी जातकों के लिए भी, शुक्र का गोचर लाभदायक रहने वाली है। इस दौरान धन कमाने के बहुत से अवसर प्राप्त होंगे। कुल मिलाकर कहें तो, आर्थिक जीवन के लिए शुक्र का ये गोचर शुभ साबित होगा।

प्रेम संबंधों में भी यह समय शुभ रहने वाला है। क्योंकि इस समय आपको अपने प्रेमी की भावनाओं को समझने का मौका मिलेगा।यदि आप शादीशुदा हैं तो, शुक्र का यह गोचर आपको संतान प्राप्ति के योग दर्शा रहा है।

छात्र भी इस समय अपनी शिक्षा के प्रति अधिक केंद्रित दिखाई देंगे।

उपायः इस गोचर के दौरान, शुक्रवार के दिन सफेद कपड़े पहनना आपके लिए शुभ रहेगा।

8. वृश्चिक राशि
इस गोचर की अवधि में शुक्र आप के चतुर्थ भाव यानि माता व सुख भाव में स्थापित होंगे। इसलिए शुक्र देव का गोचर इस भाव में आकर आपको उत्तम परिणाम देने का कार्य करेगा।
इस समय पारिवारिक वातावरण आनंद, सद्भाव, ख़ुशहाल और संतुष्ट दिखाई देगा। मां की सेहत में सुधार आएगा। यदि आप घर से दूर विदेश या किसी अन्य स्थान पर रहते हैं तो,इस अवधि के दौरान आपके मन में अपने घर लौटने की इच्छा जग सकती है।

आपका जीवन साथी उन्नति प्राप्त करेगा, जिससे आपके आराम, सुख-सुविधा और विलासिता में वृद्धि होगी। इसके परिणामस्वरूप आप नया वाहन, कोई अन्य गैजेट, ज़मीन या संपत्ति खरीदने पर भी अपना धन खर्च कर सकते हैं।

प्रेमी जातकों को भी अपने रिश्तों में मजबूती और विश्वास की अनुभूति होगी। इसके अलावा विवाह योग्य जातकों को शुक्र के इस गोचर के दौरान, कई अच्छे प्रस्ताव मिलने के योग बनेंगे।
कार्यक्षेत्र पर आपकी अनुकूलन और समझने की क्षमता व संचार कौशल का विकास होगा, जिससे आपकी सामाजिक छवि बेहतर बनने में मदद मिलेगी। व्यापारी जातकों के लिए भी यह गोचर लाभदायक रहने वाला है।

उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को भी, अपना प्रदर्शन बेहतर करने में मदद मिलेगी।

उपायः विशेष लाभ के लिए, भगवान परशुराम के अवतार की पौराणिक कथा पढ़ें या सुनें।

9. धनु राशि
गोचर की इस अवधि में शुक्र आपके तीसरे भाव यानि पराक्रम या भाई बहन भाव में प्रवेश करेंगे। ऐसे में शुक्र के गोचर की इस अवधि में, आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी।
यह गोचर छोटी दूरी की यात्राओं के लिए उत्तम रहेगा, क्योंकि इस दौरान आपको आर्थिक मुनाफ़ा और समृद्धि प्राप्त होने के योग बनेंगे। पारिवारिक जीवन में भी छोटे भाई-बहनों का भरपूर सहयोग मिलेगा। आपको अपने परिवार और दोस्तों के साथ सुंदर समय व्यतीत करते हुए, आनंद की अनुभूति भी होगी।

कार्यक्षेत्र के लिए भी, समय अनुकूल रहने वाला है। खासतौर से वो नौकरी पेशा जातक, जो विदेशी संगठनों या मल्टीनेशनल कंपनियों में कार्यरत हैं, उन्हें अपनी नौकरी में इच्छानुसार फलों की प्राप्ति होने की संभावना है।

वहीं अपने अधीन कार्य कर रहे हैं कर्मियों, सहकर्मियों और साझीदारों के साथ अपने संवाद को बेहतर करने का आपका प्रयास, आपको कॅरियर व व्यापार में उन्नति देने का कार्य करेगा।
प्रेम संबंधों की बात करें तो, इस गोचरकाल में आपको प्रेम और रोमांच की अनुभूति होगी। वहीं वैवाहिक जातक भी अपने रिश्ते में खुशहाली की अनुभूति करेंगे।

उपायः शुक्र के हानिकारक प्रभाव से बचने के लिए, शुक्रवार के दिन चीनी का दान करें।

 

10. मकर राशि
इस गोचर की अवधि में शुक्र आपके द्वितीय स्थान यानि धन व वाणी भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे इस दौरान आपकी आय में अचानक से वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र पर भी आपको अच्छी नौकरी मिलने के अवसर प्राप्त होंगे। वो जातक जो प्रोमोशन या आय वृद्धि की प्रतीक्षा कर रहे थे, उन्हें भी इस गोचरकाल में उत्तम फलों की प्राप्ति होने की संभावना है।

व्यापारी जातकों को भी अपने व्यापार में विस्तार करने का अवसर मिलेगा। इस समय आपको अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए योजना अनुसार कार्य करने में मदद मिलेगी। इससे आप अच्छे आकर्षित और लाभदायक अवसर हासिल कर सकेंगे। साथ ही आप अपनी प्रेरक कौशल को बढ़ाने हुए, अपने पूर्व के सभी अधूरे पड़े कार्यो को भी पूरा करने में सक्षम होंगे।

वहीं आपके प्रेम जीवन के लिए भी समय अच्छा है। इसके अलावा वो दांपत्य जातक जो लंबे समय से अपने परिवार का विस्तार करना चाह रहे थे, उन्हें भी इस गोचर से इच्छानुसार फलों की प्राप्ति होने की संभावना है।

छात्र भी अपने परिवार के पूर्ण समर्थन और सहयोग से, अपनी परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करेंगे।

उपायः शुक्र देव की अनुकूलता प्राप्त करने के लिए, किसी जानकार की सलाह पर उत्तम गुणवत्ता का ओपल रत्न शुक्रवार के दिन चांदी की अंगूठी में, अनामिका उंगली में धारण करें।

11. कुंभ राशि
आपकी ही राशि में ही शुक्र देव का गोचर हो रहा है, अर्थात आपके प्रथम भाव यानि लग्न भाव में शुक्र देव का गोचर होगा। आपकी राशि में शुक्र का गोचर, आपके लिए अनेक बदलाव लेकर आएगा और यह बदलाव आपके लिए उत्तम साबित होंगे।

कार्यक्षेत्र पर आपके स्वभाव में सहयोग की भावना, आपको प्रगति हासिल करने में मदद करेगी। इसके चलते आप अपने वरिष्ठ अधिकारियों से पूर्ण सहयोग, सराहना और समर्थन भी प्राप्त कर सकेंगे।

कार्यक्षेत्र या व्यापार से जुड़ी यात्रा करना, इस दौरान आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा। साथ ही व्यापारी जातकों को भी, कुछ अच्छे अवसर प्राप्त होने के योग बनेंगे। आर्थिक जीवन में आपकी आय और धन में वृद्धि होगी।

चूंकि इस समय भाग्य आपका साथ देगा। ऐसे में आपके द्वारा किया गया हर निवेश, आपको लंबे समय के लिए अच्छा मुनाफ़ा प्रदान करता रहेगा।

निजी जीवन में आपको यह समय जीवनसाथी के और करीब लेकर आएगा। वहीं यदि आप अभी तक सिंगल है तो, शुक्र देव आपके आकर्षण को बढ़ाते हुए, विपरीत लिंगी लोगों को आपकी ओर आकर्षित करने का कार्य करेंगे।

उपायः शुक्र देव की विशेष कृपा प्राप्ति के लिए, गौमाता की सेवा करें और उन्हें चारा खिलाएं।

12. मीन राशि
गोचर की इस अवधि में शुक्र आपके द्वादश स्थान में विराजमान होंगे। ऐसे में इस अवधि के दौरान आपके ख़र्चों में वृद्धि होगी। आपको इस गोचर के दौरान, अनावश्यक ख़रीदारी के ख़र्चों से परहेज करने की आवश्यकता होगी।

आपके भाई-बहन भी आप से आर्थिक सहयोग की अपेक्षा करेंगे, जिसके परिणामस्वरूप आपके ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। इस दौरान भाई-बहनों को कार्य क्षेत्र से संबंधित विदेश जाने का भी अवसर प्राप्त होगा।

गोचरकाल की यह अवधि मीन राशि के कुछ जातकों के लिए, अनावश्यक की यात्राएं भी लेकर आएगी। जिस पर आपका धन और उर्जा दोनों बर्बाद हो सकती हैं। स्वास्थ्य जीवन के लिए भी, यह समय थोड़ा प्रतिकूल रहेगा।

कार्यक्षेत्र पर आपको अभी किसी भी प्रकार के जोखिम लेने की जगह, केवल हर स्थिति को बेहतर बनाने की ओर ही कार्य करने की आवश्यकता होगी। यदि आप किसी भी प्रकार का निवेश करना चाहते हैं तो, अपने बड़ों, पिता या पिता तुल्य किसी व्यक्ति से परामर्श अवश्य लें। इसके अलावा महिलाओं के साथ अच्छा व्यवहार करते हुए, उनसे नैतिक दूरी बनाए रखें। अन्यथा आप खुद को किसी बड़ी परेशानी में फंसा सकते हैं।

शुक्र का इस दौरान आपके द्वादश भाव में मौजूद होना, कुछ जातकों के गुप्त प्रेम मामलों को उजागर करेगा। इसलिए इस तरह की हर परिस्थिति से खुद को दूर रखने की कोशिश करें, अन्यथा बाद में आपके वैवाहिक जीवन में कुछ परेशानी उत्पन्न हो सकती हैं।

वहीं यदि आप सिंगल हैं तो इस समय, अपनी भावनाओं को अपने प्रेम के समक्ष व्यक्त करने में कुछ बाधा आ सकती है। जिसके परिणामस्वरूप आप खुद को अकेला और निराश महसूस करेंगे।

उपायः विशेष लाभ के लिए शुक्रवार और सोमवार के दिन, दूध का दान करें।



Source शुक्र का कुंभ राशि में प्रवेश 21 फरवरी 2021 को, जानें क्या रचाएगा खेल
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