ads

बुधवार के दिन श्री गणेश की ऐसे करें पूजा और पाएं आर्शीवाद

बुद्धि के कारक ग्रह बुध का दिन बुधवार माना जाता है। वहीं ज्योतिषाचार्यों व पंडितों के अनुसार श्रीगणेश को ही बुध ग्रह का कारक देवता भी माना गया है। ऐसे में बुधवार को श्री गणेश की पूजा का भी विशेष दिन माना जाता है। वहीं इस दिन बुध ग्रह के निमित्त भी पूजा की जाती है। इसके अतिरिक्त कुंडली में बुध व देवताओं में श्री गणेश ही बुद्धि के कारक माने गए हैं। ऐसे में बुध ग्रह की अशुभ स्थिति में सुधार के लिए श्रीगणेश का पूजन विशेष सफलता दिलाने वाला माना जाता है।

बुधवार इसलिए है विशेष
पौराणिक कथाओं के अनुसार जब माता पार्वती के हाथों गणेश जी की उत्पत्ति हुई, तब कैलाश में बुध देव भी मौजूद थे। इस वजह से श्री गणेश जी की पूजा-अर्चना के लिए उनके प्रतिनिधि वार बुध हुए, इसलिए प्रत्येक बुधवार के दिन श्रीगणेश जी की आराधना होने लगी।

वहीं प्रथम पूज्य या अग्रपूज्य भगवान गणेश को भी बुधवार का दिन अतिप्रिय है। मान्यता के अनुसार बुधवार की गणेश पूजा शीघ्र फलदायी होती है। वहीं शास्त्रों में भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता अर्थात सभी तरह की परेशानियों को खत्म करने वाला बताया गया है।

इसके अलावा बुधवार को सौम्यवार भी कहा जाता है। इस दिन विघ्नहर्ता की पूजा विशेष है, इसके साथ ही हर कार्य से पहले श्रीगणेश की पूजा करने का भी विधान है। मान्यता के अनुसार बुधवार को श्री गणेश की आराधना करने से समस्त विघ्नों का नाश होता है, घर में सुख-समृद्धि का वास होता है, धन-धान्य की बरकत होती है और बुद्धि-विवेक का विकास होता है। सभी देवी-देवताओं से पूर्व इनकी आराधना की जाती है, किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत इन्हीं की पूजा-अर्चना से की जाती है।

ऐसे में बुधवार का दिन किसी भी कार्य को करने के लिए शुभ माना जाता है। इतना ही नहीं, ज्योतिष के जानकारों का तो यहां तक मानना है कि जिन लोगों का बुध कमजोर हो, उन लोगों को बुधवार को विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए।

ऐसे करें श्री गणेश का पूजन
इसके तहत प्रातः काल स्नान ध्यान आदि से निवृत्त होकर पूजा स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की और मुख कर के आसन पर विराजमान होकर सामने श्री गणेश यन्त्र की स्थापना करें। शुद्ध आसन पर बैठकर सभी पूजन सामग्री को एकत्रित कर पुष्प, धूप, दीप, कपूर, रोली, मौली लाल, चंदन, मोदक आदि गणेश भगवान को समर्पित कर, गणेशजी को सूखे सिंदूर का तिलक लगाएं और इनकी आरती करें। अंत में भगवान गणेश जी का स्मरण कर ॐ गं गणपतये नमः का 108 नाम मंत्र का जाप करना चाहिए।

पूजन में इस मंत्र का जप करें...

मंत्र- प्रातर्नमामि चतुराननवन्द्यमानमिच्छानुकूलमखिलं च वरं ददानम्।
तं तुन्दिलं द्विरसनाधिपयज्ञसूत्रं पुत्रं विलासचतुरं शिवयो: शिवाय।।
प्रातर्भजाम्यभयदं खलु भक्तशोकदावानलं गणविभुं वरकुञ्जरास्यम्।
अज्ञानकाननविनाशनहव्यवाहमुत्साहवर्धनमहं सुतमीश्वरस्य।।

इस मंत्र का अर्थ यह है कि मैं ऐसे देवता का पूजन करता हूं, जिनकी पूजा स्वयं ब्रह्मदेव करते हैं। ऐसे देवता, जो मनोरथ सिद्धि करने वाले हैं, भय दूर करने वाले हैं, शोक का नाश करने वाले हैं, गुणों के नायक हैं, गजमुख हैं, अज्ञान का नाश करने वाले हैं। मैं शिव पुत्र श्री गणेश का सुख-सफलता की कामना से भजन, पूजन और स्मरण करता हूं।

फूल व पुष्पमाला अर्पित करते समय इस मंत्र का उच्चारण करें
माल्यादीनि सुगन्धीनि मालत्यादीनि वै प्रभो,
मयाहृतानि पुष्पाणि गृह्यन्तां पूजनाय भोः।

इस दिन श्रीगणेश को सिंदूर, चंदन, यज्ञोपवीत, दूर्वा, लड्डू या गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाएं। साथ ही धूप व दीप लगाकर आरती करें।
भोग लगाते समय इस मंत्र का उच्चारण करें
नैवेद्यं गृह्यतां देव भक्तिं मे ह्यचलां कुरू,
ईप्सितं मे वरं देहि परत्र च परां गरतिम्,
शर्कराखण्डखाद्यानि दधिक्षीरघृतानि च,
आहारं भक्ष्यभोज्यं च नैवेद।

गणेशजी की पूजा से लाभ
गणेशजी का पूजन करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और जिन लोगों का बुध कमजोर हो, उनके लिए इनकी आराधना बहुत शुभ होती है।

गणेशजी के महामंत्र
गणेशजी से सर्वप्रथम विनती करते हुए इस मंत्र का जाप करें.
'ऊँ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ
निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा।।'

श्री गणेश जी का आशीर्वाद पाने के ये भी हैं उपाय
1. बुधवार को सुबह जल्दी स्नान आदि कर्मों से निवृत्त होकर गणेश जी के मंदिर जाएं और श्री गणेश को दूर्वा अर्पित करें। दूर्वा की 11 या 21 गांठ अर्पित करना चाहिए।
2. गाय को हरी घास खिलाएं। शास्त्रों के अनुसार गाय को पूजनीय और पवित्र माना गया है। गौ माता की सेवा करने वाले व्यक्ति पर सभी देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है।
3. किसी ज़रुरतमंद व्यक्ति को या किसी मंदिर में हरे मूंग का दान करें। मूंग बुध ग्रह से संबंधित अनाज है। इसका दान करने से बुध ग्रह के दोष शांत होते हैं।
4. श्री गणेश को मोदक का भोग लगाएं।

मनोकामना सिद्धि के लिए चार भुजाधारी स्वरूप पूजनीय...
हिन्दू धर्मशास्त्रों के मुताबिक कलियुग में भगवान गणेश के धूम्रकेतु रूप की पूजा की जाती है। जिनकी दो भुजाएं है। किंतु मनोकामना सिद्धि के लिए आस्था से भगवान गणेश का चार भुजाधारी स्वरूप पूजनीय है। जिनमें से एक हाथ में अंकुश, दूसरे हाथ में पाश, तीसरे हाथ में मोदक व चौथे में आशीर्वाद है। इनमें खासतौर पर श्री गणेश के हाथ में मोदक प्रतीक रूप में जीवन से जुड़े संदेश देता है।

बुधवार के स्वामी बुध ग्रह भी है, जो बुद्धि के कारक भी माने जाते हैं। इस तरह बुद्धि प्रधानता वाले दिवस पर बुद्धि के दाता श्री गणेश को मोदक का भोग लगाकर कि जाने वाली पूजा- प्रखर बुद्धि व संकल्प के साथ सुख-सफलता व शांति की राह पर आगे बढऩे की प्रेरणा व ऊर्जा देती है। ज्योतिषीय मापदंड के अनुरूप दूर्वा छाया गृह केतु को संबोधित करती है। गणपति जी धुम्रवर्ण गृह केतु के अधिष्ट देवता है तथा केतु गृह से पीडि़त जातकों को गणेशजी को 11 अथवा 21 दूर्वा का मुकुट बनाकर गणेश कि मूर्ति/प्रतिमा पर जातक बुधवार कि सायं 4 से 6 बजे के बीच सूर्यास्त पूर्व गणेशजी को अर्पित करना हितकारी रहता है।

बिगड़े काम बनाने के लिए बुधवार को गणेश मंत्र का स्मरण करें-
'त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय। नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम।'
अर्थात भगवान गणेश आप सभी बुद्धियों को देने वाले, बुद्धि को जगाने वाले और देवताओं के भी ईश्वर हैं। आप ही सत्य और नित्य बोधस्वरूप हैं। आपको मैं सदा नमन करता हूं।

विघ्नों के निवारण हेतु गणेश मंत्र
'गणपतिर्विघ्नराजो लम्बतुण्डो गजाननः।
द्वैमातुरश्च हेरम्ब एकदन्तो गणाधिपः॥
विनायकश्चारुकर्णः पशुपालो भवात्मजः।
द्वादशैतानि नामानि प्रातरुत्थाय यः पठेत्‌॥
विश्वं तस्य भवेद्वश्यं न च विघ्नं भवेत्‌ क्वचित्‌'

ग्रह दोष से रक्षा हेतु गणेश मंत्र
'णपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।
नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक:।।
धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।
गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम्।।'

मुख्य दरवाजे पर गणेशजी की प्रतिमा लगाएं...
बुधवार के दिन घर में सफेद रंग के गणपति की स्थापना करने से समस्त प्रकार की तंत्र शक्ति का नाश होता है व ऊपरी हवा का असर भी नहीं होता। धन की कामना के लिए बुधवार के दिन श्री गणेश को घी और गुड़ का भोग लगाएं। थोड़ी देर बाद घी व गुड़ गाय को खिला दें। ये उपाय करने से धन संबंधी समस्या का निदान हो जाता है। परिवार में कलह कलेश हो तो बुधवार के दिन दूर्वा के गणेश जी की प्रतिकात्मक मूर्ति बनवाएं। इसे अपने घर के देवालय में स्थापित करें और प्रतिदिन इसकी विधि-विधान से पूजा करें। घर के मुख्य दरवाजे पर गणेशजी की प्रतिमा लगाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। कोई भी नकारात्मक शक्ति घर में प्रवेश नहीं कर पाती इसलिए घर के मुख्य द्वार पर गणेशजी की प्रतिमा लगानी चाहिए।

बुधवार को गणेश पूजा के मंत्र :

1. गणेश जी को दीप अर्पित करते समय इस मंत्र का जाप करें।

साज्यं च वर्तिसंयुक्तं वह्निना योजितं मया,

दीपं गृहाण देवेश त्रैलोक्यतिमिरापहम्,

भक्त्या दीपं प्रयच्छामि देवाय परमात्मने,

त्राहि मां निरयाद् घोरद्दीपज्योत।

2. गणेश जी को सिंदूर अर्पित करने का मंत्र...

सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्,

शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम्।

3. गणेश जी को प्रसाद अर्पित करने का मंत्र...

नैवेद्यं गृह्यतां देव भक्तिं मे ह्यचलां कुरू,

ईप्सितं मे वरं देहि परत्र च परां गरतिम्,

शर्कराखण्डखाद्यानि दधिक्षीरघृतानि च,

आहारं भक्ष्यभोज्यं च नैवेद।

4. गणेश जी को पुष्प माला अर्पित करने का मंत्र...

माल्यादीनि सुगन्धीनि मालत्यादीनि वै प्रभो,

मयाहृतानि पुष्पाणि गृह्यन्तां पूजनाय भोः।

5. गणेश जी को यज्ञोपवीत पहनाने का मंत्र...

नवभिस्तन्तुभिर्युक्तं त्रिगुणं देवतामयम्,

उपवीतं मया दत्तं गृहाण परमेश्वर।



Source बुधवार के दिन श्री गणेश की ऐसे करें पूजा और पाएं आर्शीवाद
https://ift.tt/3pu9C5H

Post a Comment

0 Comments