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शनिदेव आप पर नाराज है या प्रसन्न, इन आसान लक्षणों से पहचानें

सनातन धर्म में हर देवता का सप्ताह में एक निश्चित दिन माना गया है। साथ ही ये भी माना जाता है कि दिन के अनुसार निश्चित किए गए देवता की उनके ही दिन पूजा करने से वे जल्द प्रसन्न भी हो जाते है। ऐसे में नवग्रहो में सबसे क्रूर ग्रह शनि देव का दिन शनिवार माना जाता है।

शनिदेव का प्रकोप का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी दशा को तो छोड़िये उनका नाम सुनते तक अधिकांश लोगों के हाथ पांव फूल जाते हैं। जबकि शनि केवल दंड के विधान के तहत ही कार्य करते हैं। यानि अच्छे कर्म वाले का कभी बुरा नहीं करते। माना जाता है कि शनि देव ईमानदार लोगों के लिए अच्छा होते हैं, वहीं शनि देव को ही मोक्ष्र प्रदान करने वाला भी माना गया है।

दंड के विधान के तहत जहां ये अधिकांश के लिए अशुभता का कारण बनते हैं , वहीं कुछ के लिए ये बेहद शुभ भी होते हैं। माना जाता है कि ये यदि प्रसन्न हो जाते हैं तो रंक को भी राजा बना देते हैं। वहीं जानकारों का ये भी मानना है कि ये अधिकांशत: लोगों को सुधारने के लिए दंड देते हैं।

शरीर के लक्षण: बताते हैं शनि किस तरह से देखते हैं आपको...
वह व्यक्ति जिस पर शनिदेव मेहरबान होते हैं, उसके संबंध में ये मान्यता है कि उन पर इनके साधारण लक्षण दिखाई देते है। ऐसा व्यक्ति शरीर से दूबला पतला होता है साथ ही उसके बाल काफी घने होते हैं। इसके अलावा शनि का कृपापात्र व्यक्ति अनुशासन के सांचे में ढला हुआ होता है।

वहीं जीवन में ऐसा व्यक्ति धीरे धीरे आध्यात्म की ओर अग्रसर होता है। ऐसे लोग शुरुआत में देवी देवताओं पर में विश्वास नहीं करते हैं, लेकिन बाद में धीरे धीरे इनका देवी देवताओं पर विश्वास बढ़ने लगता है। और ये लोग अध्यात्म की ओर बढ़ते चले जाते हैं।

वहीं शनिदेव इनकी समय समय पर परीक्षा भी लेते रहते हैं, जिसके चलते ऐसे लोगों को कई बार बचपन में थोड़े बहुत हड्डियों के रोग भी कभी कभी लग जाते हैं। इसके अलावा पैरों में मौच आना हाथ,पैर की हड्डियां टूटना, जोड़ों में दर्द रहना भी शनिदेव की परीक्षा का ही एक हिस्सा माना जाता है। यदि आप पर भी ये लक्षण दिखते हैं तो समझ जाएं कि शनि देव की आप पर कृपा है।

शनि के कृपा पात्र होते हैं ये लोगों : ऐसे पहचानें
1. जिन लोगों पर शनि की कृपा होती है वे बड़ी से बड़ी परेशानी से निकलने में सक्षम होते हैं। दिक्कत कितनी भी बड़ी क्यों न हो समाधान देर सवेर निकल ही आता है। यानि कितनी भी तकलीफे आएं इन्हें ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचता है।

2. शनिदेव की कृपा पात्र लोग किसी की मदद लेना पसंद नहीं करते और न ही किसी की मदद से आगे बढते हैं, ऐसे लोग जमीन से अपना सफर शुरु करके एक दिन बुलंदियों पर पहुंच जाते हैं।

3. शनिदेव की कृपा पात्र लोग स्वयं को मजबूत और अधिक स्वतंत्र रूप से पेश करने का प्रयास नजर आएंगे, जैसे की वे सच में होते भी है।

4. ऐसे लोग एक भावनात्मक व्यक्ति होने के साथ ही जब किसी से जुड़ते हैं तो उससे इनको लगाव हो जाता है और आप उसका साथ छोड़ना पसंद नहीं करते।

5. शनिदेव की कृपा पात्र लोग झूठ पाखंड बेमानी करने वालों से घृणा करते हैं, और ऐसा करने वाले व्यक्तियों को अपने साथ तक रखना पसंद करते।

6. शनिदेव की कृपा पात्र लोग प्रत्येक काम को अनुशासन से करते हैं, ये लोग काम में जबतक सफलता नहीं मिलती तब तक अथक प्रयास करते रहते हैं, और शनि देव आपके इस प्रयास से प्रसन्न होकर आपको अंत में फल जरूर देते हैं।

शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय:
यदि कोई काम रूक गया हो या किसी काम में सफलता नहीं मिल पा रही हो तो सरसों के तेल का विशेष प्रयोग करें, शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक अवश्य लगाएं।

: शनि देव की कृपा प्राप्ति के लिए काले वस्त्र का दान अवश्य करें।

: शनि पर तेल चढ़ाएं व उनसे कृपा के लिए प्रार्थना करें।

: कहा जाता है कि रविवार को छोड़कर लगातार 43 दिन तक शनिदेव की मूर्ति पर तेल अर्पित करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।

: शनिवार के दिन पीपल के पेड़ चारों ओर कच्चा सूत 7 बार लपेटें। इस दौरान शनि मंत्र का जाप करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।

: शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन उपवास और दान करें। कहते हैं कि काली गाय को उड़द, तेल या तिल खिलाने से शनिदेव शांत होते हैं।

: मान्यता है कि शनिवार को शनिदेव के मंदिर में काले रंग के चमड़े के जूते या चप्पल पहन कर जाएं और घर नंगे पांव लौटे। कहा जाता है कि जिन लोगों पर ढैय्या या साढ़ेसाती चल रही होती है, उन पर शनिदेव अपनी कृपा बरसाते हैं।

: पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करने के बाद उसकी परिक्रमा करने से शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।



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