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मंगल का वृषभ में प्रवेश (Rashi Parivartan) 22 फरवरी को : जानें राशियों पर इसका अच्छा व बुरा असर और बचाव के उपाय

वैदिक ज्योतिष में जहां हर ग्रह का अपना खास स्थान व स्थिति हैं। वहीं इनमें देवसेनापति मंगल की एक विशेष स्थिति मानी गई है। मंगल पराक्रमकारी ग्रह होने के चलते कई मायनों में विशेष और सबसे शक्तिशाली भी माना गया है। ऐसे में शुक्र के अपने मित्र शनि के स्वामित्व वाली कुंभ राशि में प्रवेश के ठीक अगले दिन यानि 22 फरवरी 2021 को देवसेनापति मंगल शुक्र के स्वामित्व वाली राशि वृषभ में गोचर करने जा रहे हैं।

कई जानकारों के अनुसार मंगल और शुक्र की युति कई मामलों में शुभ नहीं मानी जाती, ऐसे में मंगल का ये गोचर कुछ भयानक परिणाम भी ला सकता है। ऐसे में जहां कुछ राशियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। वहीं कुछ को इसका लाभ भी होता हुआ दिख रहा है।

बन रहा है अंगारक योग
अंगारक योग का निर्माण तब होता है जब राहु और मंगल ग्रह एक साथ आ जाते हैं। 22 फरवरी से यही यानि अंगारक योग की स्थिति बनने जा रही है, इस योग को अच्छा नहीं माना गया है। वृषभ राशि में इस योग के निर्माण से देश दुनिया पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। ज्योतिष शास्त्र में अंगारक योग को लड़ाई झगड़े, विवाद, आक्रमक, हिंसक स्थितियों का कारक माना गया है।

दरअसल ज्योतिष शास्त्र में गोचर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसा इसलिए माना जाता है क्योंकि सभी नवग्रह या नौ ग्रह हमारे आपके जीवन को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। चंद्रमा, सूर्य, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, और केतु कुछ ऐसे प्रमुख ग्रह हैं जिन्हें ज्योतिष की दुनिया में काफी गंभीरता से लिया जाता है। ऐसे में यह बात तो साफ है कि इन ग्रहों के गोचर या राशि परिवर्तन से हमारे जीवन पर असर अवश्य ही पड़ता है।

ज्ञात हो कि हमारे जीवन में ग्रहों की यह चाल कुछ बड़े तो कभी कुछ छोटे बदलाव लेकर आने वाली साबित होती है। इसके अलावा यह सभी ग्रह हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं को नियंत्रित करने की भी क्षमता रखते हैं।

ज्योतिष में लाल ग्रह मंगल को क्रूर ग्रह की संज्ञा दी गई है और ये ऊर्जा, साहस, योद्धा, आदि का कारक होता है। इसलिए मंगल को शक्तिशाली और अग्नि तत्व का ग्रह माना जाता है। मंगल देव ही किसी व्यक्ति को मानसिक रूप से सक्रिय, शारीरिक रुप से बलवान, दृढ़-निश्चयी और महत्वाकांक्षी बनाते हैं। इसके शुभ प्रभाव जातक की पर्सनैलिटी आकर्षक, नेतृत्व क्षमता और साहस में बढ़ोतरी करते हैं।

दरअसल ज्योतिष में जहां मंगल को देवसेनपति कहते हैं वहीं शुक्र (वृषभ राशि के स्वामी) को दैत्यगुरु माना गया है। ऐसे में कुछ ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि शुक्र और मंगल का परस्पर द्वंद लोगों के विचारों को आहत करता है। एक ओर जहां मंगल पराक्रम का ग्रह होने के चलते राहू के सिवाय किसी के सामने अपना बल नहीं खोता, वहीं शुक्र के पास पुनर्जीवित करने की शक्ति है। वहीं इन दोनों के साथ आने पर कई बार तो यह व्यक्ति को आत्महत्या तक करवा देता है या उस ओर उक्साता है। ऐसे में वर्तमान में बनने जा रही ये युति भी विश्व में कोई बड़ा निगेटिव परिवर्तन ला सकती है।

मंगल का गोचर कब!
ऐसे में देवसेनापति यानि मंगल 22 फरवरी 2021, सोमवार की सुबह 5 बजकर 02 मिनट पर, मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। जिससे मंगल के वृषभ राशि में इस स्थान परिवर्तन का असर, सभी राशियों पर किसी न किसी रूप से पड़ेगा। तो आइये जानते हैं आपकी राशि पर क्या होगा मंगल के इस गोचर का प्रभाव:-
राशियों पर असर...

1. मेष राशि
अपने इस गोचर के दौरान, देवसेनापति मंगल आपके दूसरे भाग यानि धन व वाणी भाव में प्रवेश करेंगे। इस अवधि के दौरान मंगल का गोचर बेहद सोच-समझकर और बुद्धिमानी से अपने शब्दों का चयन करने में, आपको सक्षम बनाएगा। जिससे आप अपने व्यक्तिगत और पेशेवर क्षेत्रों में अनावश्यक की बहस और विवाद से खुद को दूर रख सकेंगे।

मंगल की इस स्थिति से आपके मानसिक तनाव और चिंताओं में वृद्धि होगी। ऐसे में उनका ध्यान रखते हुए, खुद को हर प्रकार के तनाव से दूर रखने का प्रयास करें। मंगल का आपके दूसरे भाव में उपस्थित होना, आपको हर प्रकार के ज़मीन से जुड़े मामले में हानि पहुंचा सकता है। इसलिए किसी भी प्रॉपर्टी या ज़मीन को खरीदने या बेचने से अभी परहेज करना ही, आपके लिए उचित रहेगा।

कार्य क्षेत्र के लिए यह अवधि, आपको अपने संसाधनों का उचित उपयोग करने व अपनी कार्य क्षमता और उत्पादकता को बढ़ाते हुए, पूर्व की सभी निलंबित पड़ी परियोजनाओं को पूरा करने में आपकी मदद करेगी। इस समय आपको अपने इस स्वभाव में सुधार लाना का प्रयास करना होगा, तभी आपको इस गोचर से उत्तम परिणाम मिल सकेंगे।

इस दौरान आपके खर्चों में वृद्धि होगी। उचित होगा किसी भी प्रकार के कर्ज या ऋण लेने से बचें।

छात्रों के लिए, समय उत्तम रहेगा। हालांकि पारिवारिक जीवन में भाई-बहनों से विवाद संभव है। ऐसे में आपको हर परिस्थिति में खुद को शांत रखते हुए, उनके साथ अच्छा व्यवहार करना आपके लिए बेहतर रहेगा।

उपायः किसी जानकार की सलाह पर चांदी या तांबे में अच्छी गुणवत्ता वाला मूंगा धारण करें।

 

2. वृषभ राशि
मंगल आपके लग्न या प्रथम भाव में गोचर करेगा। ऐसे में यह गोचर शुभ परिणाम देते हुए, आपको अधिक मजबूत, प्रखर और आत्मविश्वासी बनने में मदद करेगा। जिसके चलते आप इस समय ऊर्जा, उत्साह और दृढ़ संकल्प से भरपूर दिखाई देंगे। आप अपनी सभी परियोजनाओं पर प्रभावी रूप से भी कार्य करने में भी सक्षम होंगे।

आपके शत्रु और विरोधी सक्रिय रहेंगे। वहीं प्रतिस्पर्धा की भावना से कार्यस्थल पर आपका विकास और आय की वृद्धि होगी। नौकरी पेशा जातकों को भी अधिक वेतन के साथ कुछ अन्य संगठनों के लिए, काम करने का अच्छा अवसर मिल सकता है। वहीं व्यापारी जातक, खासतौर से साझेदारी में व्यापार कर रहे हैं जातकों को इस दौरान लाभ और मुनाफ़ा अर्जित करने में सफलता की प्राप्ति होगी।

कई जातक ज़मीन या प्रॉपर्टी की खरीद या बिक्री से भी, अच्छा मुनाफ़ा अर्जित कर सकते हैं। चूँकि मंगल आपके द्वादश भाव के स्वामी भी होते हैं, जो ख़र्चों को दर्शाता है। ऐसे में आशंका है कि आप न चाहते हुए भी, अत्यधिक खर्च या अनावश्यक खरीदारी करें, जिससे आपके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।

इस समय आपको हर प्रकार के निर्णय लेने से पहले, अपने बड़ों या किसी विशेषज्ञों की सलाह लेने की आवश्यकता होगी, तभी आप बेहतर सौदा कर उससे लाभ अर्जित करने में सफल होंगे।

स्वास्थ्य के लिहाज से मंगल का ये गोचर, शुभ ही रहेगा। क्योंकि इस दौरान आप एक अच्छा जीवन व्यतीत करते दिखाई देंगे। हालांकि वाहन चलाने वाले जातकों को वाहन चलाते समय, अधिक सावधानी बरतें, अन्यथा चेहरे और सिर पर चोट लगने की आशंका है।


उपायः नियमित रूप से सूर्योदय के दौरान भगवान कार्तिकेय की उपासना करें।

3. मिथुन राशि
मंगल का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव यानि व्यय भाव में होगा। ऐसे में मंगल का ये गोचर आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है। खासतौर से विदेश जाने के इच्छुक या विदेशी संगठनों से जुड़े जातकों को, इस दौरान इच्छा अनुसार अच्छे फलों की प्राप्ति होगी। कई जातकों के बड़े भाई-बहनों को भी एक गोचर से, पदोन्नति और आय में वृद्धि करने के अवसर मिलेंगे।

इस समय आपको अनिद्रा की समस्या से दो-चार होना पड़ सकता है। इसका आपकी सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में खुद को शांत रखते हुए, सही नींद लेना ही, इस समय आपके लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण रहने वाला है। वहीं मंगल इस दौरान मिथुन राशि के सप्तम भाव को भी दृष्टि करेंगे, जिससे आपका अपने प्रेमी या साथी से विवाद होने की आशंका है।

इस समय आपके अतीत से संबंधित, कुछ पुराने मुद्दे भी आपके प्रेम संबंधों पर नकारात्मक परिणाम डालेंगे। इसलिए जल्दबाजी में कोई भी फैसला लेने से बचें और जीवन साथी के साथ अच्छा व्यवहार करते हुए, अपने गुस्से पर काबू रखें।

कार्यक्षेत्र पर नई चीजों में निवेश करना, आपके लिए इस समय थोड़ा हानिकारक सिद्ध हो सकता है। हालांकि आपकी प्रतिस्पर्धा भावना में वृद्धि देखी जाएगी, बावजूद इसके आपको अपने विरोधियों और दुश्मनों से सीधे तौर पर टकराव करने से बचें।

छात्रों के लिए समय उत्तम है। खासतौर से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को, इस दौरान अपनी मेहनत के अनुसार शुभ फल मिलेगा।

उपायः नियमित रूप से मां दुर्गा की उपासना करते हुए उन्हें लाल पुष्प अर्पित करें।

 

4. कर्क राशि
मंगल इस गोचर के दौरान वो आपकी राशि से ग्यारहवें भाव यानि आय भाव में विराजमान होगा। ऐसे में ये गोचर आपको शुभ परिणाम देगा। गोचरकाल के परिणामस्वरूप, आप में सामान्य से अधिक ऊर्जा देखी जाएगी। जिससे आप अपने कार्यक्षेत्र पर अधिक संगठित होते हुए विकास, उन्नति और आर्थिक सुरक्षा अर्जित करने में सफल रहेंगे।

इस समय आप अकेले सफलता के लिए आगे बढ़ने की बजाय, अपने कार्यस्थल पर लक्ष्यों को पूरा करने के लिए दूसरों के साथ मिलकर काम करना पसंद करेंगे। व्यापारियों के लिए भी समय उत्तम रहेगा, क्योंकि आपके प्रमुख व्यवसाय में अचानक से नगदी आने की संभावना है। इस दौरान की गई यात्रा भी, आपके लिए लाभदायक साबित होगी।

मंगल का यह गोचर प्रेम संबंधों के लिए भी शुभ फल लेकर आएगा, क्योंकि प्रेमी जातक अपने रिश्तों में नयापन, ऊर्जा और रोमांस की वृद्धि महसूस कर सकेंगे। हालांकि बीच—बीच में आपको परेशानी का भी मना करना पड़ेगा। स्वास्थ्य जीवन के लिए मंगल का ये गोचर, आपकी सेहत में स्थिरता लेकर आएगा।

उपायः इस गोचर से उत्तम परिणाम प्राप्ति के लिए नियमित रूप से “बजरंग बाण” का पाठ करें।

5. सिंह राशि
मंगल आपकी राशि से दशम भाव यानि कर्म भाव में गोचर करेगा। इस गोचर के दौरान वो आपकी राशि में “दिग्बली” अवस्था में होगा। इससे आपको अपने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उन्नति करने के कई अवसर प्राप्त होंगे।

आपके स्वभाव में आत्मविश्वास, साहस और पराक्रम की भी वृद्धि होगी। साथ ही आपको इच्छानुसार फल प्राप्त हो सकेंगे। यह समय अपने व्यवसाय की नई शुरुआत के लिए भी बेहद अनुकूल रहने वाला है, क्योंकि इस दौरान दशा अवस्था आपकी राशि के अनुसार, शुभ ही दिखाई दे रही है।

सिंह राशि वालों के लिए, मंगल का ये गोचर कार्यक्षेत्र पर भी अनुकूल अवसर देने का कार्य करेगा। जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हालांकि आपकी उपलब्धियों के लिए यह समय, प्रशंसा या मान्यता प्राप्त करने की आपकी इच्छाओं में वृद्धि करेगा। जिसके चलते आप दूसरों को अपने कार्यों के प्रति आकर्षित करने के लिए, अधिक प्रयास करते दिखाई देंगे।

आप बीच-बीच में अपनी सीमाओं और इच्छाओं को, आगे बढ़ाने का प्रयास भी कर सकते हैं। परंतु इसकी अत्यधिक इच्छा करना, आपके स्वभाव में क्रोध की वृद्धि करेगा। जिस पर आपको अपनी उर्जा भी ख़र्च करनी पड़ सकती है।

ऐसे में बेकार के कार्यों पर अपनी ऊर्जा को बर्बाद न करते हुए, खुद को केवल अपने कार्यों के प्रति ही केंद्रित रखें। वरिष्ठ अधिकारियों से भी, इस समय आपका किसी बात को लेकर विवाद संभव है। छात्रों के लिए भी समय अनुकूल है। कुल मिलाकर कहें तो मंगल का यह गोचर, आपके लिए उत्तम ही रहेगा। बावजूद इसके आपको जल्दबाजी और क्रोध में आकर कोई भी निर्णय लेने से बचना होगा।

उपायः हर मंगलवार बजरंगबली को प्रसाद में मिठाई चढ़ाएं।

 

6. कन्या राशि
मंगल आपकी राशि से नवम भाव यानि भाग्य में गोचर करेगा। कुंडली में यह भाव भाग्य, धर्म और पिता के बारे में बताता है। ऐसे में इस गोचर के परिणामस्वरूप, आपको अचानक से लाभ प्राप्ति होने की संभावना है। क्योंकि इस दौरान आपको भाग्य का साथ मिलेगा, जिससे आप इच्छा अनुसार शुभ परिणाम प्राप्त करने में सफल होंगे। कार्यक्षेत्र पर भी आपकी प्रगति होगी।

गोचरकाल की ये अवधि आपका रुझान, धार्मिक और आध्यात्मिकता की तरफ अधिक बढ़ाएगी। हालांकि मंगल बीच-बीच में आपको अपनी राय या निर्णय को लेकर, अत्यधिक कठोर भी बना सकता है। इससे आपका दूसरों से झगड़ा संभव है। इस दौरान आप किसी भी तरह के, कानूनी पचड़े में भी खुद को दूर रहें। निजी जीवन में पिता से आपका विचारों का मतभेद उत्पन्न होने से, पारिवारिक वातावरण अशांत हो सकता है।

ऐसे में घर में शांति बनाए रखने के लिए, अपने पिता से बातचीत के दौरान मर्यादित आचरण करें। चूंकि मंगल आपकी राशि के अष्टम भाव के स्वामी भी हैं, जो चोरी, दुर्घटना या नुकसान को दर्शाता है। ऐसे में इस दौरान आपको अपने सामान और कीमती वस्तुओं का अतिरिक्त ध्यान रखें।यात्रा से आप के ख़र्चों में वृद्धि के साथ, आपको मानसिक तनाव भी मिल सकता है।

स्वास्थ्य जीवन को लेकर अपनी सेहत को नज़रअंदाज़ करना आपके लिए नुकसानदायक रहेगा। ऐसे में वाहन चलाते समय, विशेष सावधानी बरतें। क्योंकि उससे दुर्घटना या चोट लगने के योग बन रहे हैं। कुल मिलाकर कहें तो यह गोचर, आपको कार्यक्षेत्र और आर्थिक जीवन में उन्नति के बहुत से अवसर देगा। परंतु इस दौरान आपको अधिक खर्च और क्रोध से, बचना होगा।

उपायः नियमित रूप से इस गोचर के दौरान “ऋण मोचक मंगल स्तोत्र’ का पाठ करें।

7. तुला राशि
मंगल का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव यानि आयु भाव में होगा। मंगल का ये गोचर तुला राशि के जातकों को मिश्रित परिणाम देने वाला है। मंगल का ये गोचर आपको मानसिक तनाव देगा। वहीं कार्यक्षेत्र पर भी आपको, अपने गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत होगी। क्योंकि आशंका है कि वो आपकी पीठ पीछे, आपको हानि पहुंचाने के लिए कोई षड्यंत्र रच सकते हैं। कार्यस्थल पर भी आप हर प्रकार की गॉसिप से दूर रहते हुए, सीधे तौर पर किसी से विवाद में न पड़ें। अन्यथा आप खुद को किसी अनावश्यक परेशानी में फंसा सकते हैं।

मंगल के गोचर की ये अवधि नौकरी पेशा जातकों को, अपनी नौकरी बदलने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी। परंतु उन्हें अभी जल्दबाजी में आकर, कोई भी निर्णय न लेते हुए, नौकरी बदलने के अपने फैसले को तब तक के लिए टालने की आवश्यकता होगी, जब तक आप किसी नए संगठन में अपनी वृद्धि से संतुष्ट न हो। ऐसे में अभी अपनी पुरानी नौकरी में ही रहते हुए, अपने कार्य कौशल में विकास और अनुभव प्राप्त करें। तभी आप भविष्य में शुभ फल प्राप्त कर सकेंगे।

छोटे व्यापारियों के लिए यह समय, अचानक से लाभ प्राप्त होने के योग बनाएगी। इसके अलावा यदि आपने किसी प्रकार का कर्ज या ऋण के लिए आवेदन किया है तो, इस गोचर के दौरान आपको उसमें सफलता मिलने की संभावना है।

स्वास्थ्य जीवन के लिहाज से, आपको पहले से अधिक सावधान रहना चाहिए। इसके लिए छोटी से छोटी बीमारी को लेकर भी लापरवाही न बरतें, अन्यथा भविष्य में वो बीमारी किसी गंभीर रूप ले सकती है। वाहन चलाते समय भी सतर्क रहें।

उपायः भगवान नरसिंह के अवतार की पौराणिक कथा पढ़ें या सुनें।

8. वृश्चिक राशि
मंगल आपकी राशि से सप्तम भाव यानि विवाह भाव में गोचर करेगा। ऐसे में इस गोचर के प्रभाव से आपका निजी जीवन सबसे अधिक प्रभावित होगा। विवाहित जातकों को इस दौरान अपने जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थिति से दो-चार होना पड़ सकता है। हालांकि यदि आप सिंगल है तो, आपकी मुलाकात किसी ख़ास शख्स से संभव है। वहीं विवाह के बंधन में बंधने की सोच रहे प्रेमी जातकों के लिए भी, ये समय उत्तम रहने वाला है।

आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। वो जातक जो अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने की सोच रहे थे, उनके लिए भी समय शुभ है। क्योंकि ये अवधि आपको अपनी पूर्व की सभी योजनाओं और रणनीतियों का प्रदर्शन करने का अच्छा अवसर प्रदान करेगी, जिससे आपको दूसरों का समर्थन भी प्राप्त हो सकेगा। कार्य क्षेत्र के लिए समय बेहतर रहेगा।

क्योंकि इस दौरान आप उत्साह के साथ हर स्थिति का डटकर सामना करते हुए, पूर्व के कठिन से कठिन निलंबित पड़े कार्यों को भी सफलता पूर्वक पूरा कर सकेंगे। इससे आपकी लंबे समय तक वेतन वृद्धि होगी। यूं तो स्वास्थ्य जीवन के लिहाज से तला- भुना या अधिक मसालेदार भोजन करने से परहेज करें। मंगल की यह स्थिति आपके स्वभाव में क्रोध की वृद्धि भी करेगी।

उपायः किसी जानकार की सलाह पर मंगलवार के दिन अपने दाहिने हाथ की अनामिका में तांबे या सोने की अंगूठी में, अच्छी गुणवत्ता का मूंगा धारण करें।

9. धनु राशि
इस समय मंगल का गोचर आपकी कुंडली के छठे भाव यानि रोग व शत्रु भाव में होगा। जिसके चलते धनु राशि के जातकों को मंगल का ये गोचर, सामान्य परिणाम प्राप्ति के लिए अधिक मेहनत कराने वाला है। इस समय आप हर बाधा और समस्या का सामना इस समय साहस के साथ करते दिखाई देंगे। आप अपने विरोधियों पर हावी होते हुए, उन पर विजय भी प्राप्त करेंगे। वहीं दांपत्य जातकों को अपनी संतान की खराब सेहत के चलते, कुछ मानसिक परेशान तनाव से परेशानी हो सकती है।

मंगल का ये गोचर आपके ऊपर कार्यों का अतिरिक्त बोझ डाल सकता है, जिसके चलते कार्यस्थल पर आपका अपने सहकर्मियों के साथ विवाद होने की आशंका है। वहीं वो नौकरी पेशा जातक जो अपनी नौकरी को बदलने की सोच रहे थे, उनके लिए समय अनुकूल रहेगा। क्योंकि उन्हें अपनी इच्छानुसार नए अवसरों की प्राप्ति होने की संभावना है।

इसके अलावा आर्थिक जीवन में कुछ समस्या उत्पन्न हो सकती हैं, क्योंकि इस दौरान आपके अचानक से ख़र्चों में वृद्धि होगी। इसलिए अपनी आय और ख़र्चों के बीच, सही तालमेल नहीं बिठाने से आप दूसरों पर निर्भर रहते हुए, अपने ऊपर कर्ज का बोझ डाल सकते हैं। स्वास्थ्य जीवन में इस समय आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होगी। जिससे आपको तेज बुख़ार या अन्य संक्रमण का खतरा हो सकता है। छात्र इस गोचरकाल के दौरान शिक्षा के प्रति ही खुद को केंद्रित रखें।

उपायः रोज़ सुबह “हनुमान अष्टक” का पाठ करें।

10. मकर राशि
मंगल का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव यानि बुद्धि व पुत्र भाव में होगा। यह भाव आपकी बुद्धि और बच्चों के विषय में जानकारी देता है। काल पुरुष की कुंडली के अनुसार, मंगल देव आपके ग्यारहवें भाव के स्वामी होते है, और अपने इस गोचर के दौरान वो खुद के भाव को ही दृष्टि करेंगे। जिससे आपको धन लाभ होने के योग बनेंगे।

ऐसे में इस गोचर के प्रभाव से वैवाहिक जातकों को अपनी संतान पक्ष के माध्यम से, अच्छा लाभ प्राप्त होने की संभावना है। क्योंकि आपकी संतान इस समय अपनी शिक्षा या कार्यक्षेत्र में, लगातार प्रगति करते हुए आपके गौरव और सम्मान को बढ़ाएगी। वहीं सिंगल जातकों को भी किसी ख़ास व्यक्ति से मिलने का अवसर मिलेगा।

मंगल देव बीच-बीच में आपके दृष्टिकोण में कठोरता और जल्दबाजी की प्रवृत्ति भी देने का कार्य करेंगे, जिसका आपके जीवन के कई क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। खास तौर से आपके कार्य स्थल पर इससे, आपको समस्या होने की आशंका है। कार्य क्षेत्र पर आपके उत्साह और पराक्रम में वृद्धि होगी। परंतु बावजूद इसके, आप में आत्म-अनुशासन की कमी देखी जाएगी।

ज़मीन से जुड़े मामलों से भी आपको, उत्तम फलों की प्राप्ति होगी। वो जातक जो किसी प्रकार की संपत्ति खरीदने या बेचने की योजना बना रहे थे, उनके लिए ये अवधि सबसे अधिक शुभ रहने वाली है। स्वास्थ्य जीवन पर भी आपको अपने खान-पान और अपने खाने की आदतों के प्रति सावधान । अन्यथा आपको त्वचा या पेट के संक्रमण से संबंधित, किसी प्रकार की समस्या से दो-चार होना पड़ सकता है।

उपायः हर मंगलवार के दिन बजरंगबली को मिठाई अर्पित करें।

11. कुंभ राशि
इस समय मंगल ग्रह आपकी राशि से चौथे भाव यानि माता व सुख भाव में गोचर करेगा। गोचर की ये अवधि आपकी मां के लिए अधिक अनुकूल होगी। साथ ही आपको मां या मातृ पक्ष के किसी व्यक्ति से, भरपूर सहयोग और लाभ की प्राप्ति भी होगी। घर की साज-सज्जा या मरम्मत से जुड़ी परियोजनाओं में निवेश करने के लिए, समय शुभ रहेगा। वहीं कई जातक नए वाहन या कीमती सामान की खरीदारी करेंगे।

इस अवधि के दौरान दूसरों पर हावी होने की आपकी इच्छाओं में वृद्धि होगी। इससे आपका वैवाहिक जीवन प्रभावित होगा, और आपका साथी से कुछ विवाद या झगड़ा भी संभव है। आप के अतीत के कुछ भावनात्मक मुद्दे भी इस गोचरकाल के दौरान, पुनः जागृत हो सकते हैं। जिससे आपके क्रोध में बढ़ोतरी होगी और इसका दोष आप अपने परिवार के दूसरे सदस्यों पर डालते दिखाई दें।

आपको व्यवसाय या कार्यक्षेत्र से संबंधित, यात्राएं भी करने का अवसर मिलेगा। साथ ही आप अपने कार्यस्थल पर कार्यभार के बढ़ने का अनुभव भी करेंगे। आपके करीबियों, मित्रों और समाज के बीच आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। हालांकि अपने दृष्टिकोण में समानता लेकर आएं, अन्यथा आप अपने बहुत से शुभ अवसरों का लाभ उठाने से वंचित रह सकते हैं।
कुल मिलाकर कहें तो यह अवधि, आपके लिए बेहतर रहेगी। परंतु आपको अपने क्रोध को शांत रखते हुए, अपने बेकार के ख़र्चों पर भी लगाम लगाना होगा।

उपायः रोज़ सुबह गायत्री मंत्र का जप करें।

12. मीन राशि
मंगल आपकी राशि से तीसरे भाव यानि पराक्रम भाव में गोचर करेगा। मंगल के इस गोचर के दौरान आप साहस और आत्मविश्वास से भरपूर होंगे। जिसके परिणामस्वरूप आप अपने सुझावों और विचारों को स्पष्ट और प्रभावी रूप से दूसरों के समक्ष रखते हुए, कई अवसरों का उचित लाभ उठा सकेंगे। इससे आपको अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।

ये अवधि मीन राशि वाले जातकों के लिए, भाग्य का साथ लेकर आएगी। इस दौरान आपको कई शुभ अवसर प्राप्त होंगे। आप इस समय ऊर्जावान रहेंगे, और हर कार्य को अपनी योग्यता और कार्य क्षमता के साथ पूरा करते हुए, उससे अच्छे लाभ अर्जित करेंगे। जिससे आपको धन लाभ भी होगा।

गोचरकाल की ये अवधि आपके दृष्टिकोण में परिवर्तन करते हुए, आपके स्वभाव में स्पष्टता लेकर आएगी। जिससे आपको अपने कॅरियर में रफ्तार मिलेगी और आप अपने कार्य क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगे। वहीं इस दौरान आपको सुख-सुविधाओं का आनंद उठाने का भी अवसर मिलेगा। साथ ही आपकी मेहनत आपको कोई सुंदर पुरस्कार या उपलब्धि दिलाते हुए, आपके आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि करेगी।

सेहत के लिहाज से यह समय, आपकी सहनशक्ति और ऊर्जा में वृद्धि करेगा, जिससे आपको अपने किसी पुराने रुप से हमेशा-हमेशा के लिए निजात मिल सकेगी। अपने पुराने शौक, इच्छाओं या रोमांचक गतिविधियों को पूरा करने के लिए भी, यह समय शुभ रहने वाला है। हालांकि सड़क पर चलते समय सावधान रहे। क्योंकि आशंका है कि इस समय दुर्घटना या चोट लग सकती है।
पारिवारिक जीवन में आपका अपने भाई-बहनों से, किसी बात को लेकर टकराव या मतभेद होगा।

उपायः नियमित रूप से बाबा काल भैरव की उपासना करें।



Source मंगल का वृषभ में प्रवेश (Rashi Parivartan) 22 फरवरी को : जानें राशियों पर इसका अच्छा व बुरा असर और बचाव के उपाय
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  1. Thank you so much for sharing this informative & helpful blog with us. Find More

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