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एमएस धोनी हमेशा 'सत्ता' के साथ रहे, अश्विन 99 पर ही क्यों अटक गए

नई दिल्ली। आम इंसान की तरह कई क्रिकेटर्स भी अंविश्वासों में खासा विश्वास रखते हैं। सचिन तेंदुलकर लेकर एमएस धोनी तक ऐसे कई दिग्गज क्रिकेटर्स हैं जिन्होंने मैदान पर जाने से पहले और मैदान से लौटने से पहले कई टोटकों को आजमाया है। ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो गेंद, बल्ले के कौशल से ज्यादा टोटकों को तवज्जों देते हैं। क्रिकेट के भगवान का दर्जा पाने वाले सचिन भी उन्हीं में से एक हैं। आइए जानते किन-किन भारतीय खिलाड़ियों को रहा टोटकों में विश्वास।

 

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महेद्र सिंह धोनी-7
क्रिकेट खिलाड़ियों के बीच जर्सी नंबर का काफी क्रेज होता है। जिस तरह से पेले, मारडोना और सचिन तेंदुलकर जैसे महान खिलाड़ियों की वजह से 10 नंबर की जर्सी ने जुनून का रूप के लिया था, ठीक उसी तरह धोनी ने 7 नंबर खुद के लिए सबसे लकी मानते हैं। उन्होंने खुद एक इवेंट में यह कबूल किया था कि उन्हें 7 नंबर की जर्सी से किस्मत से मिली, यह मेरा लकी नंबर है ऐसा मैंने कभी सोचा नहीं था। धोनी ने एक बार खुद बताया था कि उन्हें लकी 7 नंबर कैसे मिला था। उन्होंने ने बताया था कि जब वह पर्दापण कर रहे थे तो 7 नंबर की ही जर्सी खाली थी और किस्तम से उन्हें यह जर्सी मिल गई। संयोग से धोनी का जन्म भी 7वें महीने की 7वीं तारीख को हुआ था।

 

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रविचंद्रन अश्विन-99
अगर भारत के सफलतम स्पिन गेंदबाज रविचद्रंन अश्विन के लकी नंबर की बात करते तो वह 9 नंबर को खुद के लिए लकी मानते हैं। स्कूल के दिनों में भी उनका रोल नंबर 9 ही था। इसलिए अपनी जर्सी पर उन्होंने अपना नंबर 99 लिया है।

 

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विराट कोहली-18
अंडर 19 के जमाने से ही विराट 18 नंबर की जर्सी पहन रहे हैं, इसके पीछे का कारण बहुत इमोशनल है। कहा जाता है ये नंबर उनके पिता की डेथ से जुड़ा है। उनके पिता ने उन्हें क्रिकेट कोचिंग के लिए भेजा था। 18 दिंसबर 2006 को उनकी डेथ हो गई। तभी से पिता की याद में ये नंबर उनकी जर्सी पर है।

 

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सचिन तेंदुलकर-10
सचिन तेंदुलकर खुद के लिए 10 नंबर को बहुत लकी मानते हैं। वह हमेशा मैदान पर 10 नंबर की जर्सी पहने नजर आते थे। वैसे उनकी जिंदगी में 24 नंबर भी खूब लक्की रहा है। 24 अप्रेल को उनका जन्म हुआ। अंतरराष्ट्रीय कॅरियर भी 24 साल का रहा। शादी भी 24 मई को हुई और उनका बेटा अर्जुन तेंदुलकर भी 24 सितंबर को हुआ। इसके अलावा सचिन तैयार होते समय अपने बाएं पैर में पैड पहले पहनते थे, साथ ही अपनी किटबैग में साई की फोटो भी रखते थे। सचिन इसे अपना गुडलक मानते थे।

 

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वीरेंद्र सहवाग-44
अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से ना जाने कितने गेंदबाजों की नींद खराब करने वाले वीरेन्द्र सहवाग भी अंधविश्वास के शिकार रहे। अपने शुरुआती दिनों में सहवाग 44 नंबर की जर्सी के साथ खेलते थे लेकिन इस नंबर ने उनका साथ नहीं दिया। इसके बाद सहवाग ने किसी अंकशास्त्री के कहने पर बिना नंबर की जर्सी के साथ खेलना शुरू कर दिया था।

 

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हार्दिक पंड्या-228
बड़ौदा की अंडर-16 के कप्तान हुआ करते थे हार्दिक। उनकी टीम को जीत के लिए एक बड़े स्कोर की जरूरत थी लेकिन 23 रन पर 4 विकेट गिर चुके थे। तब कप्तान हार्दिक ने अपनी टीम के लिए 228 रन की मैच जिताऊ पारी खेली थी। उसी दिन से ये उनका लकी नंबर हो गया। उनकी जर्सी पर हमेशा ये ही नंबर दिखता है।

 

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रोहित शर्मा-45
लकी नंबर 9 है, अंडर 19 वर्ल्डकप के दौरान पहली बार उन्होंने 45 नंबर की जर्सी पहनी थी, तब से अब तक यही उनका लकी नंबर है। 45 को जोड़ (4+5) 9 होता है।

 

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युवराज सिंह - 12
युवराज के लिए 12 नंबर बहुत खास है। 12 दिसंबर युवराज का जन्मदिन है। 12 तारीख और 12वां महीना। इसलिए जर्सी पर भी 12 नंबर।

 

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रविंद्र जडेजा - 8
जडेजा का फेवरिट नंबर था 12 लेकिन वो युवराज के पास था। सो, जडेजा ने अपनी डेट ऑफ बर्थ (6-12-1988) को जोड़कर 8 अंक चुना। रोचक बात ये भी है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में उनका डेब्यू भी 8 फरवरी 2009 को हुआ था।

 

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अजिक्य रहाणे - 27
रहाणे का लकी नंबर है 9। अपनी जर्सी पर नौ नंबर सीधे ना लाते हुए, लकी नंबर 9 है लेकिन जर्सी पर है 27, इसका जोड़ ( 2+7) 9 होता है।



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