ads

शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर चढाया जाता है दूध, जानें इसका महत्व!

शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है, जो कर्म के आधार पर दंड के विधान के तहत कार्य करते हैं। मान्यता के अनुसार इनके सिर पर स्वर्णमुकुट, गले में माला औश्र शरीर पर नीले रंग के वस्त्र और शरीर भी इंद्रनीलमणि के समान है। यह गिद्ध पर सवार रहते हैं।

इनके हाथों में धनुष, बाण, त्रिशूल रहते हैं। शनि के फेर से देवी-देवताओं को तो छोड़ो शिव को भी बैल बनकर जंगल-जंगल भटकना पड़ा। रावण को असहाय बनकर मौत की शरण में जाना पड़ा। शनि को सूर्य का पुत्र माना जाता है। उनकी बहन का नाम देवी यमुना है।

वहीं ज्योतिष के अनुसार कई बार ऐसा होता है कि ग्रहों की चाल बदलने से जीवन में कष्‍टमय हो जाता है, लेकिन ग्रहों की अनिष्टदायक स्थिति को मंगलमय बनाने के लिए कुछ उपाय जरूरी होते हैं। ऐसे में ईश्वर में श्रद्धा रखने वाले कुछ लोग रोजाना पूजा-पाठ करते हैं, तो कुछ लोग विशेष दिन ही पूजा पाठ करते हैं।

तो कई बार समय की कमी के चलते भी लोग जिस ग्रह की दशा ठीक नही होती है, उसी ग्रह के दिन विशेष रूप से पूजा करते हैं। ऐसा ही एक दिन होता है शनिवार, जो शनि देव का दिन माना जाता है, मान्यता है कि इस दिन पीपल के पेड़ के नीचे कच्चा दूध चढ़ाने से काफी लाभ मिलता हैं, आइए जानते है इसका क्या खास महत्व है...

शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे कच्चा दूध चढ़ाने की मान्यता है। आपने कई बार लोगों को शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाते हुए भी देखा जाता है। जानकारों के अनुसार प्रत्येक शनिवार को पीपल के वृक्ष पर जल, कच्चा दूध चढ़ाकर, सात परिक्रमा करके सूर्य, शंकर और पीपल इन तीनों की सविधि पूजा करना चाहिए।

साथ ही चढ़े हुए जल को नेत्रों में लगाएं और “पितृ देवाय नम:” का जाप चार बार करें, माना जाता है कि ऐसा करने से राहु, केतु के साथ ही शनि व पितृ दोष का निवारण होता है। इसके अलावा सुबह उठते ही माता-पिता, गुरु और वृद्धजनों को प्रणाम करें और उनका आत्मिक आशीर्वाद प्राप्त करके दिन को सफल बनाएं। इसके साथ ही 5 सुगंधित अगरबत्ती लगाकर दिन की शुरूआत करें।

ये भी करें...
इसके अलावा गाय को हर रोज गुड़-रोटी देने के बाद गाय का पूजन करके ‘आज के दिन यह कामधेनु वांछित कार्य करेगी’ ऐसी प्रार्थना मन में करें। इसके अलावा हर रोज कुत्तों को रोटी खिलाने के अलावा पक्षियों को दाना डालना भी शुभ माना जाता है।

वहीं घर आए मेहमानों की सेवा निष्काम भाव से करनी चाहिए क्‍योंकि अतिथि को भगवान तुल्‍य माना गया है। स्नान के पश्चात प्रात: सूर्यनारायण भगवान को लाल पुष्प चढ़ाकर बार-बार हाथ जोड़कर नमस्कार करना चाहिए। कुछ न कुछ गरीबों को दान देना चाहिए।

दरअसल की कृपा पाने और शनि के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय और सावधानियां बरतनी आवश्यक मानी गई हैं।

: शनिवार का दिन भगवान शनिदेव को समर्पित होता है। शनिवार के दिन शनिदेव और हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए। शनिवार के दिन लोहे से बनी चीजों को दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि शनिवार के दिन लोहे से बनी हुई किसी भी चीज को बाजार से खरीदकर न लाएं। शास्त्रों में शनिवार के दिन लोहा खरीदना वर्जित है।

: शनिदेव की पूजा में काले तिल को बहुत ही शुभ माना जाता है। लेकिन शनिवार के दिन काले तिल को घर पर खरीदकर नहीं लाना चाहिए।

: शनिवार के दिन भूलकर भी तेल घर पर नहीं लाना चाहिए। बल्कि इस दिन भगवान शनिदेव को तेल अर्पण कर उनका आशीर्वाद ग्रहण करना चाहिए।

: शनिवार के दिन झाड़ू खरीदकर घर लाना भी शुभ नहीं माना गया है। माना जाता है कि शनिवार के दिन झाड़ू की खरीदारी से जातक को आर्थिक नुकसान होता है।
: शास्त्रों के अनुसार शनिदेव की पूजा करते समय कभी भी उनकी आंखों में आंख डालकर नहीं देखना चाहिए, बल्कि चरण की तरफ देखते हुए तेल अर्पण करना चाहिए। इसके अलावा गरीबों को कभी भी नहीं सताना चाहिए।



Source शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर चढाया जाता है दूध, जानें इसका महत्व!
https://ift.tt/3eYXV5u

Post a Comment

0 Comments