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टोक्यो ओलंपिक: 10 हजार वॉलंटियर्स ने नाम लिया वापस, आयोजन पर उठे सवाल

टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों में अब कुछ ही दिन ही बचे हैं। 23 जुलाई से टोक्यो ओलंपिक का आयोजन होगा। हालांकि कोरोना की वजह से कई लोग इसके आयोजन पर सवाल भी उठा रहे हैं। इस बीच गुरुवार को ओलंपिक से जुड़े करीब 10 हजार वॉलंटियर्स ने ओलंपिक से हटने का फैसला कर लिया। ओलंपिक और पैराओलंपिक के लिए लगभग 80,000 वॉलंटियर्स भाग लेने वाले हैं। इनमें से 10 हजार अवैतनिक वॉलंटियर्स ने आयोजकों को इसमें भाग नहीं लेने की बात कही।

सता रही चिंता
आयोजकों ने इस बारे में कहा कि कुछ वॉलंटियर्स कोविड 19 की चिंताओं के कारण हट गए हैं। वहीं कुछ स्वयंसेवकों को कोरोना का टीका लगाए जाने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि अधिकांश वॉलंटियर्स का एथलीटों या अन्य प्रमुख कर्मियों के साथ कोई संपर्क नहीं होगा। वहीं जापान में टीकाकरण की बात करें तो रिपोर्ट के अनुसार, जापान में टीकारकण की रफ्तार बहुत धीमी गति से चल रही है। अभी तक जापान के लोगों में से केवल 2-3 प्रतिशत का ही वैक्सीनेशन हो पाया है। हालांकि बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से इसमें तेजी आई है। वहीं आईओसी इस बात की उम्मीद कर रहा है कि ओलंपिक विलेज के 80 प्रतिशत एथलीटों और वहां रहने वालों को कोविड-19 टीका लगाया जाएगा।

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ओलंपिक खेलों पर कोई असर नहीं होगा
वहीं आयोजकों का कहना है कि वॉलंटियर्स के हटने से ओलंपिक खेलों के संचालन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। साथ ही एक बयान जारी करते हुए कहा कि कुछ वॉलंटियर्स ने कोरोना वायरस की चिंताओं के कारण और कुछ ने इसलिए हटने का फैसला लिया क्योंकि उनका मानना है कि उनकी शिफ्ट में वॉलंटियर के तौर पर काम करना मुश्किल होगा। ओलंपिक के दौरान अवैतनिक वॉलंटियर अहम भूमिका निभाते हैं और आयोजकों के लिए लाखों डॉलर बचाते हैं। इन वॉलंटियर्स को ओलंपिक के दौरान एक वर्दी दी जाती है। हालांकि वे वेतन नहीं लेते लेकिन जिस दिन वे काम करते हैं, उस दिन उन्हें भोजन और आने-जाने के लिए पैसा दिया जाता है।



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