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पहली बार 1932 में बनाया गया था ओलंपिक खेल गांव, जानिए खेलों के महाकुंभ से जुड़े कुछ ऐसे ही रोचक तथ्य

टोक्यो ओलंपिक शुरू होने में अब कुछ दिन ही शेष रह गए हैं। सभी एथलीट इस खेलों के महाकुंभ को लेकर काफी उत्साहित हैं। ओलंपिक से जुड़े कुछ रोचक तथ्य हैं, जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं। आज हम आपको इस आर्टिकल में वर्ष 1932, 1936 और 1948 में आयोजित हुए ओलंपिक खेलों से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं। पहली बार ओलंपिक खेल गांव का निर्माण वर्ष 1932 में लॉस एंजिल्स ओलंपिक के दौरान किया गया था। यह खेल गांव बाल्डिवन हिल्स में बनाया गया था जो भविष्य के खेलों के लिये भी जारी रहा। इस खेल गांव में सिर्फ पुरूष एथलीटों को ठहराया गया। वहीं महिला एथलीटों को एक होटल में रखा गया था।

पहली बार पदकधारी के लिए बजाया गया राष्ट्रगान
1932 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पहली बार मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए तीन स्तर के पोडियम का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा इसी वर्ष पहली बार गोल्ड मेडल जीतने वाले एथलीट के लिए उनके देश का राष्ट्रगान बजाया गया और झंडा भी फहराया गया। इस ओलंपिक में आधिकारिक गलती से 3,000 मीटर स्टीपलचेज 3,460 मीटर की हो गई थी जो एक लैप अतिरिक्त था।

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1936, बर्लिन ओलंपिक
1936 बर्लिन ओलंपिक खेलों का प्रसारण पहली बार टीवी पर किया गया। ग्रेटर बर्लिन क्षेत्र में टीवी देखने के लिए 25 कमरे बनाये गए, जिसमें स्थानीय लोगों को बिना किसी टिकट के खेल देखने की अनुमति दी गई। इसी वर्ष ओलंपिक में पहली बार मशाल रिले कराई गई थी। इस ओलंपिक के सबसे सफल एथलीट अमरीका के जेसी ओवेंस रहे। उन्होंने फर्राटा और लंबी कूद स्पर्धा में चार स्वर्ण पदक जीते। इसी ओलंपिक में पहली बार बास्केटबॉल, कैनोइंग और फील्ड हैंडबॉल शामिल किए गए थे।

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1948, लंदन ओलंपिक
दूसरे वर्ल्ड वॉर के कारण 1948 में खेल 12 साल के अंतराल के बाद खेले गए। इस ओलंपिक में जर्मनी और जापान को हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित नहीं गया था क्योंकि दोनों देश विश्व युद्ध में हार गए थे। इस ओलंपिक में पहली बार हंगरी, यूगोस्लाविया और पोलैंड जैसे साम्यवादी देशों ने हिस्सा लिया था। इस ओलंपिक में एथलीटों के लिए कोई खेल गांव नहीं था। पुरुष खिलाड़ियों को अक्सब्रिज में सेना के शिविर में ठहराया गया था। वहीं महिला खिलाड़ियों को साउथलैंड्स कॉलेज में ठहराया गया था।



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