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जानिए किन वजहों से भारत के घरेलू क्रिकेटर्स संन्यास लेकर खेलने जा रहे अमरीका की क्रिकेट लीग में

भारत के घरेलू क्रिकेटर संन्यास लेकर बड़ी तदाद में अमरीका का रुख कर रहे हैं। पिछले कुछ वक्त में कई घरेलू क्रिकेटर्स ने यहां से संन्यास लेकर विदेशी क्रिकेट लीग में खेलने का फैसला लिया है। मुंबई के हरमीत सिंह ने अमरीका की मेजर क्रिकेट लीग के सीएटल थंडरबोल्ट के साथ करार किया। इससे पहले भारत को अंडर 19 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान उन्मुक्त सिंह ने भी संन्यास लेकर अमरीका में खेलने का फैसला किया है। दिल्ली रणजी टीम में खेल चुके ऑलराउंडर मनन शर्मा ने भी अमरीका के कैलिफोर्निया जाने का फैसला किया है। इनसे पहले भारत के पूर्व अंडर-19 विश्व कप विजेता स्मित पटेल ने भी भारतीय क्रिकेट से संन्यास लेकर बारबाडोस ट्राइडेंट्स ने कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) में खेलने का फैसला लिया। आखिर ये घरेलू क्रिकेटर्स क्यों भारतीय क्रिकेट से संन्यास लेकर अमरीका का रुख कर रहे हैं। इसके पीछे कई कारण हैं। जानते हैं उन कारणों के बारे में।

नेशनल टीम में जगह न मिल पाना
किसी भी क्रिकेटर का सपना होता है कि वह अपने देश की नेशनल टीम में खेलें। जो घरेलू क्रिकेटर्स भारतीय क्रिकेट से सन्यास लेकर विदेशी लीग में खेलने जा रहे हैं, उन्हें भारत की नेशनल क्रिकेट टीम में जगह नहीं मिली। यह एक बड़ी वजह है, जिस वजह से वे भारत छोड़ विदेशी लीग में खेलने का फैसला कर रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में तो इन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन नेशनल टीम में जगह बना पाना आसान नहीं होता। जब अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद नेशनल टीम में जगह नहीं मिल पाती तो निराशा होती है।

पैसा भी है बड़ी वजह
घरेलू क्रिकेटर्स के विदेशी लीग में खेलने की एक बड़ी वजह पैसा भी है। हालांकि बीसीसीआई दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड्स में से है, लेकिन घेरलू क्रिकेटर्स को उतना पैसा नहीं मिल पाता, जितना नेशनल टीम वाले प्लेयर्स को मिलता है। कोरोना काल में कई घरेलू टूर्नामेंट्स रद्द हो गए, जिसकी वजह से कई क्रिकेटर्स को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ा। साथ ही पिछले दिनों घरेलू क्रिकेटर्स के बकाया पैसों की भी मांग उठी थी। हरमीत सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा कि पैसे की वजह से वह यूएसए जा रहे हैं। घरेलू टूर्नामेंट में पैसे कम मिलते हैं। वहीं विदेशी क्रिकेट लीग में इन क्रिकेटर्स को अच्छे पैसे ऑफर किए जा रहे हैं।

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आईपीएल में भी नहीं मिल रहे मौके
इंडियन प्रीमियर लीग वर्ष 2008 में शुरू हुआ था। आईपीएल अब दुनिया की एक पॉपुलर टी20 क्रिकेट लीग बन चुकी है। इसमें विदेशी टीमों के कई बड़े क्रिकेटर्स हिस्सा लेते हैं। इसके साथ ही आईपीएल में खिलाड़ियों को बड़ी कीमत पर खरीदा जाता है। वहीं संन्यास लेकर विदेशी लीग में खेलने जा रहे क्रिकेटर्स को आईपीएल में खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिले। इनमें से कुछ प्लेयर्स को आईपीएल के एक या दो सीजन में खेलने के मौके मिले, लेकिन इसके बाद उन्हें आईपीएल की किसी टीम ने नहीं लिया। यह भी इनके विदेशी लीग मेंं खेलने की बड़ी वजह हो सकती है।

यूएसए की नेशनल टीम में खेलने का सपना
भारत के इन घरेलू क्रिकेटर्स के अमरीका की तरफ रुख करने का एक बड़ा कारण यह भी है कि वे लोग यूएसए की नेशनल टीम में जगह बनाना चाहते हैं। हाल ही हरमीत सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया कि अगर कोई खिलाड़ी 30 महीनों तक यूएसए में रहकर खेलता है तो उसे वहां की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए खेलने का मौका मिल सकता है। हरमीत ने कहा कि उन्होंने यूएसए में 12 महीने पूरे कर लिए हैं और 18 महीने बचे हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2023 की शुरुआत तक उन्हें यूएसए के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के योग्य होना चाहिए।

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उम्र भी है बाधा
जिन घरेलू क्रिकेटर्स ने भारतीय क्रिकेट से संन्यास लेकर विदेशी क्रिकेट में खेलने का निर्णय लिया है, उनकी उम्र 28 से 30 वर्ष के बीच है। भारतीय क्रिकेट में युवा क्रिकेटर्स को ज्यादा महत्व दिया जाता है। 30 की उम्र के बाद नेशनल टीम में उनका सलेक्शन होना बहुत मुश्किल हो जाता है। वहीं घरेलू क्रिकेट में भी युवा क्रिकेटर्स को ज्यादा मौके मिलते हैं। ऐसे में एक उम्र के बाद इनको क्रिकेट में मौके मिलना कम हो जाते हैं। वहीं विदेशी लीग में इनको खेलने के मौके मिल रहे हैं।



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