ads

Astro Talk: ग्रहों की चाल से बिगड़े रिश्ते, आप खुद ऐसे संवारिए

Astro Talk: कहते हैं रिश्ते ऊपर से बनकर आते हैं, लेकिन कई बार विभिन्न कारणों से टूट जाते हैं। पहले गंधर्व विवाह सहित आठ तरह के विवाह होते थे, अब सिर्फ दो बचे हैं अरेंज मैरिज या लव मैरिज। जब दो अजनबी एक घर में रहने लगते हैं तो शुरू में थोड़ा असहज लगता हैै। कुछ रिश्ते खुशहाल चलते रहते हैं, जबकि कुछ में समय के साथ गिले शिकवे शुरू हो जाते हैं, दूरियां बनने लगती हैं और अंतत: रिश्ते टूट जाते हैं। ज्योतिष में रिश्तों के टूटने में ग्रहों की दशा को उत्तरदायी माना जाता है। दरअसल ग्रहों का असर जब मन पर आता है तो महादशा और अंतर्दशा के चलते मानसिकता भी बदल जाती है। जब वक्त बदलता है तो सितारे बदल जाते हैं और इंसान की सोच भी बदल जाती है।

क्या करें : अपने आराध्य में ध्यान लगाएं। दस मिनट ही सही मेडिटेशन करें। जब इंसान में धैर्य और बर्दाश्त करने की क्षमता बढ़ जाती है तो कोई भी ग्रह प्रतिकूल असर नहीं डालता। छोटी-छोटी बातों को तूल न दें।
ऐसी परिस्थितियों के लिए किसी ने सही कहा है-
मैंने जिंदगी को इस तरह आसान कर दिया, किसी से माफी मांगी और किसी को माफ कर दिया।

संदीप कोचर
सेलेब एस्ट्रोलॉजर, मुंबई

sundeepkochar.com



Source Astro Talk: ग्रहों की चाल से बिगड़े रिश्ते, आप खुद ऐसे संवारिए
https://ift.tt/2WorlDq

Post a Comment

0 Comments